भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में हाल ही में नकली नोटों का एक बड़ा मामला सामने आया है। पिछले छह महीनों (जनवरी 2025 से जून 2025) के दौरान विभिन्न जिलों की मुद्रा तिजोरियों से भेजी गई करेंसी की जांच में 64 जाली नोट पकड़े गए हैं। इनमें 100 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक के नोट शामिल हैं। इस मामले में गांधी नगर थाना पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर छह केस संबंधित जिलों के थानों को भेजे हैं। यह खुलासा न केवल बैंकिंग प्रणाली की सतर्कता को दर्शाता है, बल्कि आम लोगों के लिए भी जागरूकता का संदेश देता है।
जाली नोटों का ब्योरा: कहां से आए, कितने पकड़े गए?
आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में विभिन्न जिलों से भेजी गई गंदी करेंसी की जांच के दौरान ये जाली नोट पकड़े गए। आरबीआई मैनेजर विशाल देसाई (26) ने गांधी नगर थाने में छह एफआईआर दर्ज कराईं। इनमें श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, जैसलमेर, कोटा और अलवर के लक्ष्मणगढ़ से भेजे गए नोट शामिल हैं। नोटों का विवरण इस प्रकार है:
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श्रीगंगानगर: 500 रुपये के 11 नोट, 200 रुपये का 1 नोट, और 100 रुपये के 6 नोट (कुल 18 जाली नोट)।
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झुंझुनूं: 100 रुपये के 6 जाली नोट।
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जैसलमेर: 500 रुपये के 4 नोट और 200 रुपये के 2 नोट।
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कोटा: 500 रुपये के 4 नोट और 200 रुपये के 5 नोट।
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अलवर (लक्ष्मणगढ़): 100 रुपये के 16 नोट और 2,000 रुपये के 9 नोट।
गांधी नगर थाने के SHO आशुतोष सिंह ने बताया कि स्थानीय बैंकों ने गंदे नोटों के रूप में आरबीआई को करेंसी भेजी थी, जिनमें जाली नोट पाए गए। इसके बाद जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर मामला संबंधित जिलों के थानों को हस्तांतरित कर दिया गया।
जालसाजों का पसंदीदा नोट: 500 रुपये की करेंसी
जांच में यह बात सामने आई है कि बाजार में सबसे ज्यादा 500 रुपये के नोट प्रचलन में हैं, जिसके कारण जालसाज इन नोटों को निशाना बनाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 500 रुपये के नोट की लोकप्रियता और इसका मध्यम मूल्य इसे जालसाजी के लिए आसान लक्ष्य बनाता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक ने असली नोटों की पहचान के लिए कई सुरक्षा फीचर्स शामिल किए हैं, जिन्हें जांचकर आम लोग भी नकली नोटों से बच सकते हैं।
असली नोट की पहचान कैसे करें?
आरबीआई ने 500 रुपये के असली नोट की पहचान के लिए कुछ विशेष दिशा-निर्देश और फीचर्स बताए हैं, जो इस प्रकार हैं:
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नोट का आकार: 500 रुपये के असली नोट का साइज 66 मिमी x 150 मिमी होता है।
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माइक्रोलेटरिंग: नोट पर ‘भारत’ और ‘INDIA’ शब्द माइक्रो लेटर में लिखे होते हैं, जो केवल ध्यान से देखने पर दिखाई देते हैं।
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रंग बदलने वाला चिह्न: नोट के नीचे दाईं ओर 500 रुपये का चिह्न तिरछा करने पर हरे से नीले रंग में बदलता है।
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अशोक स्तंभ: नोट के दाईं ओर अशोक स्तंभ का प्रतीक होता है।
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स्वच्छ भारत लोगो: प्रत्येक असली नोट पर ‘स्वच्छ भारत’ का लोगो और स्लोगन छपा होता है।
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सुरक्षा धागा और वाटरमार्क: नोट में सिक्योरिटी थ्रेड और वाटरमार्क होता है, जो असलियत की पहचान में मदद करता है।
इन फीचर्स को ध्यान से जांचकर आप आसानी से असली और नकली नोट में अंतर कर सकते हैं।
टेक्नोलॉजी की मदद: Chkfake ऐप से करें नोट की जांच
आधुनिक तकनीक ने नकली नोटों की पहचान को और आसान बना दिया है। ‘Chkfake’ ऐप एक ऐसा टूल है, जो मुफ्त में उपलब्ध है और भारत समेत कई देशों की प्रमुख करेंसी की जांच कर सकता है। इस ऐप का उपयोग करने का तरीका इस प्रकार है:
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ऐप डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ‘Chkfake’ ऐप डाउनलोड करें।
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लॉगिन करें: अपने अकाउंट से लॉगिन करें या गेस्ट यूजर के तौर पर आगे बढ़ें।
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करेंसी चुनें: ऐप में ‘Currency’ या ‘नोट’ विकल्प पर क्लिक करें और भारतीय रुपये (INR) सिलेक्ट करें।
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नोट की फोटो लें: अपने स्मार्टफोन के कैमरे से नोट की स्पष्ट फोटो खींचें।
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स्कैनिंग: ऐप नोट के वाटरमार्क, सीरियल नंबर, और सिक्योरिटी थ्रेड को स्कैन करेगा।
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परिणाम: स्कैनिंग के बाद ऐप बताएगा कि नोट असली है या नकली।
यह ऐप न केवल आसान है, बल्कि समय की बचत भी करता है और आम लोगों को नकली नोटों से बचाने में मदद करता है।