राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर थाना इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मलाह गांव में गुरुवार शाम को खेलने निकला एक 9 साल का मासूम बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद रात करीब 11 बजे मासूम का शव घर से 3 किलोमीटर दूर एक सूने कुएं में मिला। इस घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार और पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।

शाम को खेलने निकला था मासूम, रात तक नहीं लौटा

मलाह गांव के निवासी रविकांत ने बताया कि उनका 9 वर्षीय बड़ा बेटा गुड्डा गुरुवार शाम करीब 5 बजे रोजाना की तरह घर के बाहर खेलने की बात कहकर निकला था। अमूमन वह शाम ढलने तक घर लौट आता था, लेकिन जब शाम के 7 बज गए और गुड्डा वापस नहीं आया, तो परिजनों को चिंता होने लगी। परिवार के लोगों ने पहले आसपास और उसके दोस्तों के घरों पर उसकी तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो पिता रविकांत ने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी।

5 घंटे की खोजबीन के बाद कुएं में मिला शव

बच्चे के अचानक गायब होने की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और अलग-अलग टीमें बनाकर गुड्डा की खोजबीन शुरू की गई। करीब 5 घंटे तक गांव और खेतों की खाक छानने के बाद रात करीब 11 बजे कुछ ग्रामीण घर से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित एक कुएं के पास पहुंचे। जब टॉर्च की रोशनी से कुएं के अंदर देखा गया, तो ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं के पानी में गुड्डा का शव तैर रहा था।

रात में निकाला शव, पुलिस जांच में जुटी

ग्रामीणों ने तुरंत भारी मशक्कत के बाद रात में ही बच्चे के शव को कुएं से बाहर निकाला और जिला आरबीएम (RBM) अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवाया गया। शुक्रवार सुबह सेवर थाना पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने पुलिस से इस पूरे मामले की गहनता से जांच करने और घटना का सही खुलासा करने की गुहार लगाई है।

तीसरी कक्षा का छात्र था गुड्डा, बुझ गया घर का चिराग

मृतक बच्चे के पिता रविकांत के दो बेटे हैं, जिनमें गुड्डा बड़ा था और वह तीसरी कक्षा में पढ़ाई करता था। उसका छोटा भाई प्रिंस महज 4 साल का है। घर के बड़े बेटे की इस तरह अचानक और दर्दनाक मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले को दुर्घटना और अन्य संभावित पहलुओं से जोड़कर जांच कर रही है।