भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला और भी खतरनाक हो जाता है। श्रीलंका में खेले गए ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में इंडिया-ए के सलामी बल्लेबाज वैभव ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने महज 29 गेंदों पर 94 रन ठोक डाले। अपनी पारी में उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के जड़े। इस दौरान उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
हालांकि वह शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए। श्रीलंका के कप्तान सहान अराचिगे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वैभव आउट हो गए, लेकिन तब तक वह मैच का रुख पूरी तरह बदल चुके थे।
बड़े मैचों के बड़े खिलाड़ी बनते जा रहे वैभव
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी लगातार साबित कर रहे हैं कि दबाव वाले मुकाबलों में उनका प्रदर्शन और बेहतर हो जाता है। इसी साल अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उस पारी में उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के निकले थे और भारत ने विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की थी।
इसके बाद आईपीएल 2026 में भी वैभव का बल्ला जमकर गरजा। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 97 रन बनाए थे। वहीं गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 में 47 गेंदों पर 96 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
भविष्य का सुपरस्टार?
लगातार बड़े मंचों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, निडर अंदाज और दबाव में खेलने की क्षमता उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है। ट्राई सीरीज के फाइनल में खेली गई यह पारी एक बार फिर इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक बेहद खास खिलाड़ी मिल चुका है।