घटना का पृष्ठभूमि और आरोपी का अपराधिक इतिहास
चुन्नीलाल उर्फ चूनाराम (उम्र लगभग 25 वर्ष), बाड़मेर जिले के रामसर क्षेत्र का निवासी है। वह पिछले कई वर्षों से वाहन चोरी के धंधे में लिप्त रहा है। 2022 में रामसर थाना क्षेत्र में एक पिकअप वाहन की चोरी के मामले में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। चोरी के बाद आरोपी फरार हो गया था और तीन साल तक विभिन्न ठिकानों पर छिपा रहा। इस दौरान वह बाड़मेर जिले के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय रहा, जहां से कई अन्य वाहन चोरी की शिकायतें दर्ज हुईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, चूनाराम एक शातिर अपराधी है, जो चोरी के बाद वाहनों को आसपास के जिलों में बेच देता था या उनके पुर्जे निकालकर बाजार में बेचता था।पुलिस ने बताया कि आरोपी का अपराधिक रिकॉर्ड लंबा है। उसके खिलाफ पहले भी चोरी, लूट और अवैध हथियार रखने जैसे कई मामले दर्ज हैं। तीन साल की फरारी के दौरान वह कई बार पुलिस की घेराबंदी से बच निकला, लेकिन लगातार निगरानी और मुखबिरों की सूचना पर अब उसकी कमर टूट गई।
पुलिस की कार्रवाई: संयुक्त अभियान और गिरफ्तारी का विवरण बाड़मेर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) की अगुवाई में रामसर थाना प्रभारी और बाड़मेर सदर थाने की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष अभियान चलाया। 22 अक्टूबर की रात को रामसर के बाहरी इलाके में नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध वाहन की तलाशी ली गई। इस दौरान चुन्नीलाल उर्फ चूनाराम को उसके साथी के साथ दबोच लिया गया। आरोपी के पास से चोरी का एक पिकअप वाहन बरामद किया गया, जो 2022 की चोरी का ही था। वाहन की जांच में पाया गया कि उसके इंजन नंबर और चेसिस नंबर बदल दिए गए थे, जो आरोपी की चोरी की कार्यप्रणाली को उजागर करता है। टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती पूछताछ में चूनाराम ने चोरी की कई अन्य घटनाओं में संलिप्तता कबूल की है। अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।
चोरी के वाहन की जब्ती और आगे की जांच जब्त वाहन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि चोरी की पुष्टि और आरोपी के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि चूनाराम का गिरोह बाड़मेर से जोधपुर और जैसलमेर तक फैला हुआ था। वाहन चोरी के बाद इन्हें बॉर्डर क्षेत्रों में बेचा जाता था।
"यह गिरफ्तारी वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मील का पत्थर साबित होगी। हम आगे भी मुखबिरों के नेटवर्क को मजबूत करेंगे।"