अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। इस बात के संकेत अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारत की तेज़ी से हो रही प्रगति की खुलकर सराहना की।
मार्को रूबियो ने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।" उनके इस बयान के बाद ट्रम्प की संभावित भारत यात्रा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अगर यह दौरा होता है तो राष्ट्रपति रहते हुए यह डोनाल्ड ट्रम्प की दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले फरवरी 2020 में ट्रम्प भारत आए थे, जहां अहमदाबाद में आयोजित 'नमस्ते ट्रम्प' कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हिस्सा लिया था।
G7 समिट में मोदी-ट्रम्प की हुई थी मुलाकात
फ्रांस के एवियन में 17 जून को आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय बैठक हुई थी।
इस दौरान ट्रम्प ने कहा था कि जब तक वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, प्रधानमंत्री मोदी का व्हाइट हाउस में हमेशा एक अच्छा दोस्त रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत पर कोई संकट आता है और मोदी नेतृत्व में होंगे तो अमेरिका भारत के साथ खड़ा रहेगा।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रम्प से समुद्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना बेहद जरूरी है और ईरान के साथ किसी भी समझौते में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति के लिए ट्रम्प के प्रयासों की सराहना भी की।
भारत-अमेरिका व्यापार लगातार बढ़ रहा
भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच करीब ₹12.54 लाख करोड़ का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। भारत ने अमेरिका को लगभग ₹8 लाख करोड़ का निर्यात किया, जबकि अमेरिका से करीब ₹4.6 लाख करोड़ का आयात किया गया।
ट्रेड डील अब भी अधर में
भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनाई थी, जिसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित व्यापारिक विवादों को सुलझाना था। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रम्प प्रशासन के कुछ टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के बाद समझौते की प्रक्रिया धीमी पड़ गई और अब तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
किन मुद्दों पर अटका है समझौता?
भारत चाहता है कि अमेरिका भारतीय वस्त्र, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग उत्पाद, दवाइयों और कृषि उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ में राहत दे। दूसरी ओर अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों, डेयरी सामान, शराब, मेडिकल उपकरणों और डिजिटल कंपनियों के लिए अधिक खोले।
सबसे बड़ा विवाद कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर है। भारत को आशंका है कि अमेरिकी कृषि उत्पादों को अधिक पहुंच मिलने से देश के करोड़ों किसानों की आय प्रभावित हो सकती है। वहीं डेयरी क्षेत्र में भारत अमेरिकी मांगों को लेकर फिलहाल सहमत नहीं है।