अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और नवाचार की दुनिया में एक नया इतिहास रचते हुए spacex.com⁠ ने नैस्डैक पर अपने धमाकेदार डेब्यू के साथ वैश्विक निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी के शेयर अपने 135 डॉलर के IPO प्राइस से लगभग 19% की छलांग लगाकर 160.95 डॉलर (करीब 161 डॉलर) पर बंद हुए। इस ऐतिहासिक लिस्टिंग ने कंपनी का बाजार मूल्य 2 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंचा दिया और इसके संस्थापक Elon Musk दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गई 

SpaceX का IPO न केवल 2026 का बल्कि अब तक का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है। कंपनी ने लगभग 75 अरब डॉलर जुटाए और शुरुआती वैल्यूएशन करीब 1.77 ट्रिलियन डॉलर रही। निवेशकों की जबरदस्त मांग के चलते यह इश्यू कई गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ, जिससे लिस्टिंग के पहले ही दिन शेयरों में तेज़ी देखने को मिली। 

 SpaceX की सफलता के पीछे उसकी रॉकेट लॉन्च सेवाएं, Starlink सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क, रक्षा और एआई से जुड़े भविष्य के प्रोजेक्ट्स प्रमुख कारण हैं। निवेशक कंपनी को केवल एक स्पेस कंपनी नहीं बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज के रूप में देख रहे हैं। 

IPO के बाद एलन मस्क की कुल संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर (1,000 अरब डॉलर) के आंकड़े को पार कर गई है। SpaceX में उनकी बड़ी हिस्सेदारी और पहले से मौजूद Tesla सहित अन्य कंपनियों में निवेश ने उन्हें यह उपलब्धि दिलाई। इस उपलब्धि के साथ मस्क ने वैश्विक संपत्ति के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। 

हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने कंपनी के अत्यधिक मूल्यांकन और मौजूदा घाटे को लेकर चिंता भी जताई है। रिपोर्ट्स के अनुसार SpaceX अभी पूरी तरह लाभदायक नहीं है और उसने हाल के वर्षों में भारी निवेश के कारण अरबों डॉलर का परिचालन घाटा दर्ज किया है। इसके बावजूद बाजार का भरोसा कंपनी की दीर्घकालिक विकास क्षमता पर बना हुआ है। 

SpaceX की यह ऐतिहासिक लिस्टिंग वैश्विक पूंजी बाजारों के लिए एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बाद अन्य बड़ी तकनीकी कंपनियों के IPO को भी नई गति मिल सकती है। वहीं अंतरिक्ष उद्योग में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में स्पेस इकोनॉमी के विस्तार का आधार बन सकती है।