सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही बाजार का रुख बदल गया। शुरुआती बढ़त के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के दबाव से बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

कारोबार के दौरान BSE Sensex 300 से 400 अंकों से अधिक गिर गया, जबकि NSE Nifty 50 भी अपने अहम मनोवैज्ञानिक स्तर 24,000 के नीचे फिसल गया। इससे निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा और बाजार का शुरुआती उत्साह कमजोर पड़ गया।

बाजार में आई इस गिरावट के पीछे बैंकिंग, आईटी और वित्तीय शेयरों में बिकवाली को प्रमुख वजह माना जा रहा है। शुरुआती खरीदारी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिला-जुला कारोबार देखने को मिला।

 वैश्विक बाजारों के संकेत, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आगामी आर्थिक आंकड़ों को लेकर निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

 अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने के बजाय मजबूत बुनियादी कंपनियों पर ध्यान देने और लंबी अवधि की निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। अगर वैश्विक संकेत सकारात्मक रहे और घरेलू आर्थिक आंकड़े उम्मीद के अनुरूप आए, तो बाजार में फिर से खरीदारी लौट सकती है।