नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण युद्ध का असर अब भारतीय विमानन क्षेत्र पर साफ दिखने लगा है। बढ़ती ईंधन कीमतों और कई देशों के एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने के कारण एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों के किराए और फ्यूल सरचार्ज में भारी इजाफा करने का फैसला किया है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
युद्ध की स्थिति के कारण जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा, सुरक्षित रास्तों के चयन के लिए फ्लाइट्स को लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं, जिससे संचालन लागत बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में 15% से 20% तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली से लंदन का एक तरफ का टिकट अब 90 हजार रुपये के पार पहुंच गया है।
फ्यूल सरचार्ज का नया गणित
एयर इंडिया ने बढ़ती लागत को कम करने के लिए अलग-अलग रूट पर नया फ्यूल सरचार्ज लागू किया है:घरेलू और सार्क (SAARC) देश: प्रति टिकट ₹399 का अतिरिक्त भार।मिडल ईस्ट: प्रति टिकट $10 (लगभग ₹830) का सरचार्ज।साउथईस्ट एशिया: प्रति टिकट $60 (लगभग ₹5000) का इजाफा।नॉर्थ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया (फेज-2): कंपनी इन लंबे रूटों पर $200 (लगभग ₹16,600) तक सरचार्ज लगाने की तैयारी में है।इस फैसले से उन यात्रियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा जो गर्मियों की छुट्टियों या बिजनेस ट्रिप के लिए विदेश यात्रा की योजना बना रहे थे।