अजमेर, 21 नवंबर 2025: राजस्थान के अजमेर जिले के घूघरा गांव की मुख्य सड़क पर शुक्रवार दोपहर को एक दर्दनाक हादसा टल गया। एक तेज रफ्तार कार में अचानक आग लग गई, जिससे ड्राइवर को तुरंत गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी। आसपास के ग्रामीणों ने फौरन मौके पर पहुंचकर पानी के मटकों का सहारा लिया और आग पर काबू पा लिया। घटना के दौरान ड्राइवर ने गाड़ी की दोनों नंबर प्लेटें उतार लीं और मौके से फरार हो गया, जिससे पुलिस को वाहन की पहचान करने में मुश्किल हो रही है। सौभाग्य से इस हादसे में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना स्थानीय सड़कों पर वाहनों की सुरक्षा जांच की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर रही है।
घटना का पूरा विवरण: कैसे भड़की आग? घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे घूघरा गांव की व्यस्त मुख्य सड़क पर घटी। आंखों देखा बताने वाले ग्रामीणों के अनुसार, कार चालक गांव के बाहर से अजमेर शहर की ओर जा रहा था। अचानक इंजन के पास से धुआं निकलने लगा, जो कुछ ही पलों में भयानक आग में बदल गया। कार की गति ज्यादा होने के कारण ड्राइवर को तुरंत ब्रेक लगाने का मौका नहीं मिला। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वाहन का आगे का हिस्सा जलने लगा, और काला धुआं पूरे इलाके में फैल गया।ड्राइवर, जिसकी पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, ने साहस दिखाते हुए कार को सड़क किनारे रोका और तुरंत बाहर कूद गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वह एक-दो सेकंड और देर करता, तो आग पूरे वाहन को लील लेती और जानलेवा साबित हो सकती थी। ड्राइवर के कूदते ही आसपास के लोग दौड़ पड़े। गांव में फायर ब्रिगेड की सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों ने घरों से उपलब्ध पानी के मटकों का इस्तेमाल किया। लगभग 10-15 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस दौरान कार का इंजन और बोनेट बुरी तरह झुलस गया, लेकिन पीछे का हिस्सा अपेक्षाकृत सुरक्षित रहा।
ग्रामीणों की बहादुरी: मटकों से बनी फायर फाइटिंग टीम घूघरा गांव एक छोटा सा ग्रामीण इलाका है, जहां मुख्य सड़क पर रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। घटना की सूचना मिलते ही 20-25 ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने न केवल पानी के मटके लाए, बल्कि कुछ ने कुदाल और फावड़े से आग को फैलने से रोका। एक व्यक्ति ने बताया, "हमने देखा तो कार में आग की लपटें 10 फीट ऊंची उठ रही थीं। ड्राइवर भागा तो हम सब दौड़े। मटकों में जो पानी था, उसी से हमने आग बुझाई। अगर फायर ब्रिगेड देर करती तो पूरा गांव जल सकता था।" एक महिला ने कहा, "ड्राइवर ने प्लेटें उतार लीं और बिना कुछ कहे चला गया। शायद डर गया होगा। लेकिन हम सबने मिलकर इसे संभाल लिया।" ग्रामीणों की तत्परता ने न केवल हादसे को बड़ा रूप देने से रोका, बल्कि आसपास के अन्य वाहनों को भी खतरे से बचाया। सड़क पर ट्रैफिक कुछ देर के लिए बाधित रहा, लेकिन जल्द ही सामान्य हो गया।
ड्राइवर का फरार होना: पुलिस जांच में अड़चन सबसे हैरानी की बात यह रही कि ड्राइवर ने घटना के तुरंत बाद गाड़ी की दोनों नंबर प्लेटें उतार लीं और मौके से गायब हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, वह घायल तो नहीं था, लेकिन डर के मारे भागा। पुलिस को सूचना मिलते ही अजमेर ग्रामीण थाने की टीम मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर ने बताया, "हमने वाहन को जब्त कर लिया है। नंबर प्लेटें न होने से मालिक की पहचान मुश्किल हो रही है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और ग्रामीणों के बयानों से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आग शॉर्ट सर्किट या इंजन की खराबी से लगने का अनुमान है।"पुलिस का कहना है कि ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा, यदि वह खुद सामने नहीं आया। साथ ही, वाहन की फिटनेस जांच और ड्राइवर की लाइसेंस की वैधता की पड़ताल की जा रही है। यह घटना वाहन मालिकों के लिए चेतावनी है कि नियमित सर्विसिंग न कराने पर ऐसे हादसे हो सकते हैं।
वीडियो: घटना का लाइव सबूत घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें आग की लपटें और ग्रामीणों की मशक्कत साफ नजर आ रही है। वीडियो में पहले 10 सेकंड में कार से धुआं निकलता दिखता है, फिर ड्राइवर के कूदने के बाद आग भड़कती है। 30 सेकंड के बाद ग्रामीण पानी डालते नजर आते हैं। यह वीडियो स्थानीय पत्रकार ने रिकॉर्ड किया था, जो घटना के 5 मिनट बाद का है। वीडियो से साफ पता चलता है कि सड़क पर धूल और धुआं का मिश्रण कितना खतरनाक था।
प्रारंभिक जांच में आग का कारण इंजन ओवरहीटिंग या वायरिंग शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुरानी कारों में ऐसी समस्या आम है, खासकर सर्दियों में जब वाहन ज्यादा लोड के साथ चलाए जाते हैं। यह घटना ग्रामीण इलाकों में फायर सर्विस की कमी को उजागर करती है। अजमेर जिला प्रशासन ने कहा है कि जल्द ही घूघरा जैसे गांवों में छोटी फायर यूनिट स्थापित की जाएगी।