अलवर जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भूगोर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने परिवार और पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां 24 वर्षीय सरकारी कर्मचारी राकेश जाटव ने रविवार देर शाम घर के ऊपरी मंजिल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। राकेश अलवर मिनी सचिवालय में चपरासी के पद पर तैनात थे और तीन छोटे बच्चों (दो बेटियां और एक बेटा) के पिता थे।
घटना की पूरी जानकारी राकेश के ताऊ प्रसादी लाल ने दी। उन्होंने बताया कि रविवार को राकेश की छुट्टी थी। दोपहर के समय उन्होंने शराब पी थी। शाम करीब साढ़े सात बजे जब राकेश घर लौटे, तब उनकी पत्नी नीचे रसोई में खाना बना रही थीं। घर पहुंचते ही राकेश बिना किसी से कुछ कहे सीधे ऊपरी मंजिल पर स्थित कमरे में चले गए। कुछ ही देर बाद जब उनका बड़ा भाई घर आया और ऊपर कमरे में गया, तो वहां राकेश फंदे पर लटकते हुए मिले।
परिवार के सदस्यों ने तुरंत उन्हें फंदे से नीचे उतारा और अलवर जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के समय राकेश की मां अपनी बेटी से मिलने दिल्ली गई हुई थीं, जबकि उनके पिता की कुछ समय पहले बीमारी से मौत हो चुकी थी। घर में केवल उनकी पत्नी ही मौजूद थीं।
राकेश को पिता की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी, जो परिवार की मुख्य आय का स्रोत थी। इतनी कम उम्र में तीन बच्चों के साथ परिवार अब अचानक विधवा और अनाथ हो गया है। परिवार के सदस्यों ने घटना के बारे में कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, हालांकि दोपहर में शराब पीने का जिक्र जरूर किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है ताकि आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।