अलवर जिले के अकबरपुर रेंज के काली खोल क्षेत्र में अवैध पेड़ कटाई रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर रात में ग्रामीणों ने हिंसक हमला कर दिया। इस घटना में वन विभाग के कम से कम 5 से 6 कर्मचारी घायल हो गए, जबकि विभाग की दो गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए और तोड़फोड़ की गई। हमलावरों की संख्या करीब 100 बताई जा रही है, जिन्होंने लाठियों, डंडों और पत्थरों से वार किया।
घटना का विवरण इस प्रकार है:
शनिवार (18 जनवरी 2026) सुबह वन विभाग की टीम ने सरिस्का टाइगर रिजर्व के अकबरपुर रेंज में धौक (या धौंक) के पड़ों की अवैध कटाई पर कार्रवाई की थी। रात करीब 10:30 बजे टीम दोबारा मौके पर पहुंची, जहां उन्हें धौक की लकड़ियों से भरा एक ट्रैक्टर मिला। टीम ने इसे जब्त कर लिया और वापस लौटते समय ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया।
ग्रामीणों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया और लाठी-डंडों से वनकर्मियों पर हमला बोल दिया। हमले से अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने किसी तरह जान बचाकर भागना शुरू किया। टीम कुल 4 गाड़ियों में गई थी, जिसमें एक पुलिस वाहन भी शामिल था। हमलावरों ने दो गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और मारपीट की। कुछ कर्मचारी पुलिस गाड़ी के साथ बाहर निकल गए, जबकि बाकी तीन गाड़ियां दूसरी राह से सुरक्षित बाहर आईं।
घायल वनकर्मियों में रामवीर गुर्जर, सहायक वनपाल देवेंद्र मीणा, राजपाल सिंह, विश्राम मीणा, हीरा सिंह, अंकित गुप्ता और सत्यभान चौधरी शामिल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है।
अकबरपुर रेंजर राजेंद्र शर्मा ने बताया कि हमलावरों ने उनकी दो गाड़ियों पर विशेष रूप से तोड़फोड़ की। एसीएफ अंकुश जिंदल सहित अन्य आला अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली।
अकबरपुर थाना प्रभारी एसएचओ सीमा कुमारी ने पुष्टि की कि ग्रामीणों ने वनकर्मियों की गाड़ियों पर हमला किया। एसपी सुधीर चौधरी ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारियों से मारपीट की गई है, जिसके चलते राजकार्य में बाधा पहुंचाने की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रेंजर राजेंद्र शर्मा ने अकबरपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना सरिस्का टाइगर रिजर्व के संवेदनशील इलाके में हुई है, जहां बाघिन ST-22 और उसके शावकों का मूवमेंट रहता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यहां कुछ अवैध बस्तियां बसी हुई हैं और सर्दियों में अवैध कटाई बढ़ जाती है। वन विभाग की कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने यह हमला किया।