राजस्थान के बाड़मेर जिले में जमीन विवाद के चलते जीजा की हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट-2 ने शुक्रवार को चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। खास बात यह है कि दोषियों में मृतक के दो सगे साले भी शामिल हैं।

घटना की पृष्ठभूमि

यह मामला रामसर थाना क्षेत्र के गांव तामलियार का है। 7 जुलाई 2022 को मृतक मोहम्मद के भाई हाजी हासम ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के बीच संयुक्त खेत को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह मामला उपखंड स्तर पर भी पहुंचा, जहां फैसला हो चुका था, लेकिन रंजिश खत्म नहीं हुई।

हमले की वारदात

6 जुलाई 2022 को विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि मजीद, हारून, बचाया और अलादीन कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने मोहम्मद का रास्ता रोककर उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।हमलावरों ने उसके सिर, हाथ और जांघ पर कुल्हाड़ी से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल मोहम्मद को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।इस दौरान बीच-बचाव करने आए सरादीन और इस्माइल पर भी हमला किया गया, जिससे वे भी घायल हो गए।

पुलिस जांच और कोर्ट ट्रायल

पुलिस ने मामले में हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र पेश किया गया।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 20 गवाह, 7 भौतिक साक्ष्य (आर्टिकल) और 56 दस्तावेज पेश किए गए।

साढ़े तीन साल बाद आया फैसला

करीब 3 साल 8 महीने तक चली सुनवाई के बाद एडीजे कोर्ट-2 के जज पीयूष चौधरी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने सभी को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।