बाड़मेर (18 मार्च 2026): राजस्थान के पश्चिमी जिले बाड़मेर में मौसम ने अपना मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में रहा शहर अब ठंडक की गोद में आ गया है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने के बाद अचानक गिरावट आई और अब यह 28 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इस गिरावट से शहर के निवासियों को गर्मी से काफी राहत मिली है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीणों के बीच चिंता का माहौल है।

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं, तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश की संभावना बढ़ गई है। बाड़मेर में हाल ही में दर्ज अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री रहा था, लेकिन बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी या आंधी के प्रभाव से पारा तेजी से नीचे आया। शहर में न्यूनतम तापमान भी 23 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जो सामान्य से ऊपर है लेकिन दिन की गर्मी से राहत दे रहा है।

शहरवासियों के लिए सुकून, लेकिन किसानों में बेचैनी

शहर के लोगों ने इस अचानक ठंडक का स्वागत किया है। कई लोग कह रहे हैं कि पिछले दिनों 40 डिग्री के करीब पहुंचते पारे ने परेशान कर दिया था, लेकिन अब मौसम सुहावना हो गया है। बाजारों में लोग बिना ज्यादा पसीना बहाए घूम रहे हैं और घरों में ठंडी हवाओं का आनंद ले रहे हैं।

हालांकि, ग्रामीण इलाकों में स्थिति अलग है। किसान और पशुपालक इस बदलाव से परेशान हैं क्योंकि मार्च के इस समय में फसलों को गर्मी की जरूरत होती है। मौसम विभाग ने 18, 19 और 20 मार्च को बाड़मेर सहित जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश, तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा) और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है। IMD जयपुर के दैनिक पूर्वानुमान में बाड़मेर के लिए 19 और 20 मार्च को बारिश या गरज के साथ बौछारें और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान (18-20 मार्च)

18 मार्च: आंशिक बादल छाए रहेंगे, अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री के आसपास, हल्की बारिश या आंधी की संभावना।19 मार्च: सामान्यतः बादल छाए रहेंगे, अधिकतम तापमान 29-30 डिग्री तक गिर सकता है, बारिश/गरज के साथ तेज हवाएं और संभावित ओले।20 मार्च: बादलों का प्रभाव जारी, तापमान 30 डिग्री के आसपास, हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।यह बदलाव पूरे पश्चिमी राजस्थान में देखा जा रहा है, जहां पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज हवाओं और बारिश के दौरान सतर्क रहें, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां फसलों को नुकसान का खतरा है।