राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में एसीबी ने एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए पावर ग्रिड के डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) देवेश कुमार सिंह को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।

ठेकेदार से बिल पास कराने के बदले मांगी थी रिश्वत

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी DGM देवेश कुमार सिंह एक ठेकेदार से उसके बकाया भुगतान या बिल पास कराने के एवज में 90 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया और योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

ASP आशीष कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आशीष कुमार ने किया, जबकि ट्रैप कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक (CI) इंद्र कुमार और उनकी टीम ने संभाली। कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

ठिकानों पर तलाशी, जांच जारी

एसीबी के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसकी संपत्ति, दस्तावेजों और अन्य संभावित ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल तो नहीं रहा। मामले में आय से अधिक संपत्ति और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन में राजस्थान में भ्रष्टाचार के मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसीबी का कहना है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल एसीबी की टीम मौके पर मौजूद है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।