जयपुर में इन दिनों टमाटर की कीमतों को लेकर दिलचस्प स्थिति देखने को मिल रही है। जहां मुहाना फल एवं सब्जी मंडी में टमाटर 15 से 35 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है, वहीं खुदरा बाजार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ग्रोसरी स्टोर्स पर यही टमाटर 50 से 100 रुपए प्रति किलो तक ग्राहकों को बेचा जा रहा है।
थोक व्यापारियों का कहना है कि बाजार में टमाटर की कोई कमी नहीं है। मंडी में पर्याप्त मात्रा में टमाटर की आवक हो रही है और आने वाले दिनों में सप्लाई और बढ़ने की संभावना है। इसके बावजूद खुदरा बाजार में कीमतें अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई हैं।
चौमूं का टमाटर सबसे सस्ता
मुहाना मंडी में इस समय चौमूं और आसपास के क्षेत्रों से आने वाला देसी टमाटर 15 से 20 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वहीं हाइब्रिड टमाटर 20 से 21 रुपए प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध है। दूसरी ओर महाराष्ट्र और बेंगलुरु से आने वाला टमाटर 34 से 35 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है।
व्यापारियों के अनुसार स्थानीय टमाटर की आवक अभी अच्छी है, लेकिन अगले सप्ताह से इसमें कमी आ सकती है। इसके बाद बाजार की निर्भरता बाहरी राज्यों से आने वाली सप्लाई पर बढ़ जाएगी।
सप्लाई भरपूर, फिर भी महंगे दाम
मुहाना मंडी के थोक व्यापारियों का कहना है कि टमाटर की उपलब्धता सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में इस बार टमाटर का उत्पादन अच्छा हुआ है, जिससे सप्लाई लगातार बढ़ रही है।
व्यापारियों के मुताबिक मंडी और खुदरा बाजार के दामों में अंतर का प्रमुख कारण खुदरा स्तर पर बढ़ा हुआ मार्जिन और गर्मी के मौसम में खराब होने का जोखिम है।
पिछले सप्ताह आई थी तेजी
थोक विक्रेताओं के अनुसार पिछले सप्ताह एक-दो दिन के लिए टमाटर के दामों में तेजी देखने को मिली थी। उस दौरान मंडी में टमाटर का भाव 40 से 45 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया था। हालांकि सप्लाई बढ़ने के बाद कीमतें फिर से नीचे आ गईं।
सालभर कैसे बनी रहती है सप्लाई?
टमाटर की उपलब्धता पूरे साल अलग-अलग राज्यों की फसलों पर निर्भर करती है।
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अप्रैल से जून: बस्सी और चौमूं का स्थानीय टमाटर
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जून से जुलाई: बेंगलुरु क्षेत्र का टमाटर
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जुलाई से अक्टूबर: महाराष्ट्र का टमाटर
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नवंबर से मार्च: मध्यप्रदेश और गुजरात का टमाटर
इसी वजह से पूरे साल बाजार में टमाटर की उपलब्धता बनी रहती है और एक क्षेत्र की फसल खत्म होने पर दूसरे क्षेत्र की फसल बाजार में पहुंच जाती है।
आगे क्या रह सकते हैं दाम?
जयपुर फल एवं सब्जी थोक विक्रेता संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि स्थानीय टमाटर का सीजन समाप्ति की ओर है, लेकिन बाहरी राज्यों से सप्लाई अच्छी रहने के कारण कीमतों में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
हालांकि मौसम में अचानक बदलाव या परिवहन संबंधी समस्याएं आने पर कीमतों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल बाजार में टमाटर की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन खुदरा स्तर पर उपभोक्ताओं को अभी भी ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है।