बीकानेर, 28 नवंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर जिले में एक नाबालिग लड़की को सोशल मीडिया पर बनी दोस्ती ने गंभीर खतरे में डाल दिया। इंस्टाग्राम पर गांव के ही एक युवक से दोस्ती करने वाली नाबालिग को युवक ने निजी फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। जब लड़की ने गलत काम करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसके फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए। इस घटना के बाद नाबालिग ने श्री डूंगरगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामला नाबालिगों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है।
घटना का पूरा विवरण जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग लड़की बीकानेर जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली है। कुछ महीनों पहले, वह इंस्टाग्राम पर सक्रिय हो रही थी, जहां उसे अपने ही गांव का एक युवक मिला। दोनों की बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जल्द ही युवक का व्यवहार बदल गया। उसने नाबालिग से अनुचित फोटो (बदनियती भरे फोटो) मांगे, जो लड़की ने मना कर दिया।इनकार करने पर आरोपी ने नाबालिग को धमकी देनी शुरू कर दी। उसने कहा कि अगर लड़की उसके कहे अनुसार गलत काम नहीं करेगी, तो उसके निजी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। धमकियां बढ़ती गईं और आखिरकार, जब नाबालिग ने साफ मना किया, तो युवक ने अपने वादे को अंजाम दे दिया। उसने नाबालिग के फोटो इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिए, जिससे लड़की की जिंदगी में भयानक तनाव पैदा हो गया। फोटो वायरल होने से नाबालिग को सामाजिक कलंक का डर सताने लगा, साथ ही परिवार और पड़ोसियों के बीच भी चर्चाएं शुरू हो गईं।पीड़ित लड़की ने इस पूरे मामले को परिवार के सामने रखा। परिवार ने सबसे पहले आरोपी से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार, उन्होंने स्थानीय पुलिस थाने का रुख किया। श्री डूंगरगढ़ थाने में दर्ज शिकायत में नाबालिग ने विस्तार से बताया कि कैसे इंस्टाग्राम पर बनी यह 'दोस्ती' उसके लिए जालिम बन गई। पुलिस ने लड़की के बयान को गंभीरता से लिया और तुरंत आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की, जिसमें ब्लैकमेल, धमकी, नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने जैसे आरोप शामिल हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच श्री डूंगरगढ़ थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि मामला संवेदनशील है, क्योंकि इसमें नाबालिग का उत्पीड़न शामिल है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है। फोटो वायरल करने वाले प्लेटफॉर्म्स से भी सहयोग मांगा गया है ताकि सामग्री को तुरंत हटाया जा सके। अधिकारी ने कहा, "हम नाबालिग की पहचान गोपनीय रखेंगे और पूरे मामले की गहन जांच करेंगे। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" साथ ही, पुलिस ने स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों में सोशल मीडिया सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है।सोशल मीडिया के खतरे पर विशेषज्ञों की राययह घटना राजस्थान में बढ़ते साइबर क्राइम के मामलों को उजागर करती है। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अनजान लोगों से दोस्ती करना खतरनाक साबित हो सकता है, खासकर नाबालिगों के लिए। साइबर सेल के एक अधिकारी ने बताया, "बच्चों को ऑनलाइन एक्टिविटी के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। माता-पिता को बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर नजर रखनी चाहिए। ब्लैकमेल की शिकायत मिलते ही तुरंत पुलिस से संपर्क करें।" हाल के आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में पिछले एक साल में सोशल मीडिया से जुड़े 500 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें नाबालिगों का उत्पीड़न प्रमुख है।
परिवार का दर्द और समाज की जिम्मेदारी पीड़ित परिवार का कहना है कि बेटी की सुरक्षा सबसे ऊपर है। परिवार के एक सदस्य ने कहा, "हमारी बेटी निर्दोष है। यह आरोपी ने उसकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की। हम न्याय चाहते हैं।" यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि माता-पिता बच्चों को इंटरनेट के जोखिमों के बारे में शिक्षित करें और प्राइवेसी सेटिंग्स का सही उपयोग सिखाएं।