राजस्थान में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बीच जोधपुर से एक बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वोट डालने के दौरान पोलिंग पार्टी के सदस्यों द्वारा उनके पैर छूने का मामला तूल पकड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे आदर्श आचार संहिता का सीधा उल्लंघन बताते हुए निर्वाचन विभाग का दरवाजा खटखटाया है।

पूर्व मुख्यमंत्री के पैर छुए

जानकारी के अनुसार, यह घटना जोधपुर के वार्ड नंबर 82 की है, जहां मतदान प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम अशोक गहलोत अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंचे। आरोप है कि गहलोत को देखते ही वहां ड्यूटी पर तैनात पोलिंग पार्टी के कुछ सदस्य अपनी सीट से उठे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के पैर छुए। यह पूरा वाकया एक न्यूज चैनल पर सुबह 9:00 से 9:03 बजे के बीच लाइव प्रसारित भी हुआ, जिसके बाद यह घटना चर्चा का विषय बन गई और बीजेपी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।

बीजेपी ने दर्ज कराई आधिकारिक शिकायत

इस वीआईपी ट्रीटमेंट और पोलिंग स्टाफ के आचरण पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राजस्थान बीजेपी ने तुरंत एक्शन लिया। 11 सितंबर 2026 को सुबह 9:29 बजे बीजेपी प्रदेश कार्यालय की ओर से जोधपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी को एक लिखित शिकायत भेजी गई।

पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सौरभ सारस्वत द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों द्वारा किसी एक विशेष राजनीतिक दल (कांग्रेस) के नेता को इस तरह की तवज्जो देना निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। पार्टी ने इसे आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस शिकायत की एक प्रति राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान को भी भेजी गई है।

147 निकायों में चल रहा है मतदान

गौरतलब है कि आज राजस्थान में दूसरे चरण के तहत 147 नगरीय निकायों में वोट डाले जा रहे हैं। ऐसे अहम दिन पर इस हाई-प्रोफाइल मामले ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। फिलहाल, जिला प्रशासन या राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इस पूरे मामले और बीजेपी की शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह पोलिंग पार्टी के इस आचरण पर क्या कदम उठाता है।