राज्यसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए अपने उम्मीदवारों तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल का नामांकन दाखिल करा दिया है। दोनों नेताओं ने शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र जमा किया।

18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले यह कदम बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी उच्च सदन में अपनी ताकत और प्रभाव को और मजबूत करने के उद्देश्य से चुनावी मैदान में उतरी है।

नामांकन के बाद रजनीश अग्रवाल ने जताया आभार

नामांकन दाखिल करने के बाद बीजेपी नेता रजनीश अग्रवाल ने पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह उसका पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में सभी निर्णय संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और हर कार्यकर्ता नेतृत्व के फैसलों का सम्मान करता है। उन्होंने केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया।

तरुण चुघ बोले- हम पार्टी के सिपाही हैं

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा उम्मीदवार तरुण चुघ ने भी नामांकन के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता और सिपाही हैं। पार्टी नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसके लिए आभारी हैं।

उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा दी गई जिम्मेदारी को निभाना उनका कर्तव्य है और वह पार्टी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

कांग्रेस पर BJP का हमला

राज्यसभा चुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मध्य प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी को किसी प्रकार की चिंता नहीं है क्योंकि पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि संगठन के निर्देशों का पालन करते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस के भीतर असंतोष और मतभेद की स्थिति है, जिसके चलते उसे क्रॉस वोटिंग का भय बना हुआ है।

18 जून को होगा मतदान

निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा चुनाव के लिए 3 जून को अधिसूचना जारी की थी। देशभर में राज्यसभा की 24 सीटों पर 18 जून को मतदान होगा।

इन चुनावों में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात की चार-चार सीटों, राजस्थान और मध्य प्रदेश की तीन-तीन सीटों, झारखंड की दो सीटों तथा अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और मेघालय की एक-एक सीट पर मतदान कराया जाएगा।

इसके अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा में रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव भी आयोजित किए जाएंगे।

सभी दलों की नजर चुनावी गणित पर

राज्यसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। जहां बीजेपी उच्च सदन में अपना संख्याबल बढ़ाने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अपनी सीटों को सुरक्षित रखने के साथ नए समीकरण बनाने में जुटे हुए हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के मजबूत संख्याबल को देखते हुए पार्टी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। अब 18 जून को होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं।