नई दिल्ली में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर अपना पहला बड़ा प्रदर्शन शुरू किया। यह प्रदर्शन NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और जवाबदेही की मांग को लेकर आयोजित किया गया है। इसी बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर एक नया विवाद सामने आ गया।

दरअसल, विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि क्या अभिजीत दीपके को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है या उन पर पासपोर्ट के दुरुपयोग का कोई आरोप है? इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

यह सवाल ऐसे समय में उठा है जब अभिजीत दीपके खुद दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

CJP का कहना है कि उसका आंदोलन NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है। संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहा है।

उधर, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति दी गई है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

इस दौरान विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक 1,076 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत और अमेरिका अवैध प्रवासन पर रोक लगाने के लिए लगातार संपर्क में हैं।

फिलहाल जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी है और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर इस आंदोलन पर देशभर की नजर बनी हुई है।