दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रातों-रात सुर्खियों में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब देश के अन्य राज्यों में अपनी जड़ें जमा रही है। सबसे ज्यादा असर राजस्थान में देखने को मिल रहा है, जहां पार्टी की कोर टीम के दो युवा नेता— आशुतोष रांका और दीपक बालियान— शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं।

कहा जा रहा है कि दिल्ली में CJP के इन युवा नेताओं और संस्थापक सौरभ दास की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सहित वरिष्ठ नेताओं से हुई वार्ता के दबाव में ही तत्कालीन शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। अब यह टीम राजस्थान के जर्जर स्कूलों और गिरते शिक्षा स्तर को अपना मुख्य मुद्दा बना रही है।

कौन हैं CJP के युवा चेहरे आशुतोष और दीपक?

पार्टी को राजस्थान में मजबूत करने का श्रेय कोर टीम के इन दो मुख्य किरदारों को जाता है:

  • आशुतोष रांका (राष्ट्रीय प्रवक्ता): जयपुर के रहने वाले आशुतोष ने माहेश्वरी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने IIT कानपुर से मटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग की डिग्री ली। शिक्षा के प्रति उनके रुझान ने उन्हें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) पहुँचाया, जहाँ से उन्होंने पब्लिक एजुकेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। प्रबंधन सलाहकार की नौकरी छोड़ अब वे युवाओं को जागरूक कर रहे हैं।

  • चौधरी दीपक बालियान: अलवर जिले के मालाखेड़ा गांव (कठूमर तहसील) के रहने वाले दीपक ने अपनी स्कूली शिक्षा कठूमर से ही पूरी की। बाद में भरतपुर के महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीजी किया। आशुतोष रांका के जरिए वे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के संपर्क में आए और आज पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं।

राजस्थान पर ही क्यों है CJP का फोकस?

झारखंड की राजधानी रांची में भी बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन हुए, लेकिन CJP ने अपना पूरा ध्यान राजस्थान पर केंद्रित किया। इसकी मुख्य वजह आशुतोष और दीपक का स्थानीय होना है। वे राजस्थान के स्कूलों की बदहाली, जर्जर भवनों, घटते नामांकन और छात्रों के ड्रॉपआउट जैसी गंभीर जमीनी हकीकत से भली-भांति वाकिफ हैं। इन दोनों ने अब प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का ढर्रा बदलने का बीड़ा उठाया है।

जमीन पर उतरकर लगातार हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन

सीजेपी अब राजस्थान के अलग-अलग जिलों में जाकर सरकारी स्कूलों की पोल खोल रही है:

  • जयपुर में बड़ा प्रोटेस्ट (14 जून 2026): नीट पेपर लीक और बेरोजगारों के मुद्दे पर शहीद स्मारक पर बड़ा धरना दिया गया। इसमें पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल हुए, जिन पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया था।

  • अलवर का जोधावास स्कूल: स्कूल की छत उखड़ने के विरोध में आशुतोष रांका ने छात्र-छात्राओं के साथ आंदोलन किया, जिसके बाद प्रशासन को उनकी सभी मांगें माननी पड़ीं।

  • भैंसों के बाड़े में स्कूल का खुलासा (21 अगस्त): सीजेपी टीम जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल पहुंची, जो पिछले एक साल से भैंसों के बाड़े में चल रहा था। ग्रामीणों और कुछ स्थानीय नेताओं ने रांका की टीम पर हमला भी किया, लेकिन देशभर में हुई बदनामी के बाद अगले ही दिन बच्चों को नई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया।

  • जोधपुर में बवाल (23 अगस्त): जोधपुर के गांधी शांति प्रतिष्ठान में CJP द्वारा 'शिक्षा बचाओ, देश बचाओ' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। आरोप है कि इस दौरान एबीवीपी (ABVP) और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदकर हमला कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब एक दर्जन उपद्रवी युवकों को हिरासत में लिया है।