नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर 15 जून को जयपुर के शहीद स्मारक पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति संबंधी आवेदन खारिज कर दिया।
पार्टी ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है और रविवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर आगे की रणनीति की घोषणा करने की बात कही है।
शहीद स्मारक पर होना था प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी की जा रही थी। पार्टी का कहना था कि NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों, शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर युवाओं की आवाज बुलंद की जाएगी।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से 15 जून को शहीद स्मारक पहुंचने की अपील भी की थी। उन्होंने पेपर लीक मामलों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाने की बात कही थी।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि कॉकरोच जनता पार्टी ने शहीद स्मारक, गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी।
आवेदन की समीक्षा और परिस्थितियों के मूल्यांकन के बाद कानून-व्यवस्था की दृष्टि से कार्यक्रम की अनुमति देना उचित नहीं पाया गया। इसी आधार पर अनुमति आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया।
पार्टी ने फैसले पर जताई नाराजगी
पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए विधिवत अनुमति मांगी थी, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद प्रशासन ने मंजूरी नहीं दी।
पार्टी का दावा है कि दिल्ली, पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में उसके कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए गए हैं और कहीं भी कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हुई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगा अगला फैसला
अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने की घोषणा की है। इसमें आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
पार्टी का आरोप है कि पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर छात्रों, अभिभावकों और बेरोजगार युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
अब सभी की नजर पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है, जहां आगामी कार्यक्रम और आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट हो सकती है।