राजस्थान के बाड़मेर जिले में आगामी निकाय चुनावों के मद्देनजर पुलिस ने अवैध हथियारों और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। डीएसटी (DST) और रीको थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक शातिर तस्कर को थार जीप के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी पिछले दो सालों से फरार चल रहा था और इसके तार दिल्ली के साइबर फ्रॉड नेटवर्क से भी जुड़े हुए हैं।
पुलिस को देखकर भगाने लगा थार, घेराबंदी कर दबोचा
बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के सख्त निर्देशों पर जिले भर में ड्रग्स और अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान जारी है। इसी कड़ी में एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी बुद्धाराम विश्नोई के सुपरविजन में रीको थानाधिकारी पदमाराम के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था।
डीएसटी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामनगर इलाके में रिंग रोड के पास एक थार जीप में कुछ संदिग्ध घूम रहे हैं। जब पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, तो पुलिस की गाड़ी देखते ही संदिग्ध थार जीप लेकर भागने का प्रयास करने लगा। हालांकि, मुस्तैद पुलिस जवानों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम गोरखा राम उर्फ गोविंद (पुत्र जसाराम), निवासी खारी तड़ला (बाखासर) बताया।
जीप की तलाशी में मिले हथियार और अफीम
पुलिस ने जब संदेह के आधार पर थार जीप की सघन तलाशी ली, तो उसमें छुपाकर रखा गया अवैध जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से 151 ग्राम अफीम का दूध, एक देसी कट्टा और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने तुरंत मादक पदार्थ, हथियार और थार गाड़ी को जब्त कर आरोपी गोरखा राम को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली से बीकानेर तक फैला है क्राइम रिकॉर्ड
यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि पकड़ा गया तस्कर गोरखा राम एक आदतन अपराधी है। वह बीकानेर के एक पुलिस थाने में दर्ज एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामले में बीते 2 साल से फरार चल रहा था। इसके अलावा, वह दिल्ली के द्वारका स्थित साइबर थाने में एक साइबर ठगी (Cyber Fraud) के मामले में भी वांटेड है।
फिलहाल रीको थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि वह अवैध हथियार और ड्रग्स कहां से खरीदकर लाता था और इसे किसे सप्लाई करने की फिराक में था। इस पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े कई और नामों का भी खुलासा होने की संभावना है।