मध्य प्रदेश के नीमच छावनी (कैंट एरिया) में स्थित CRPF परिसर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 8 फरवरी 2026 को सफाई के दौरान झाड़ियों में एक मानव कंकाल मिला, जिसकी पहचान 44 दिनों से लापता CRPF जवान नंदकिशोर प्रजापति के रूप में हुई। जवान राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम कस्बे के कुम्हार मोहल्ला के निवासी थे। वे 2004 से CRPF में सेवा दे रहे थे और 42 वर्षीय थे।

आखिरी बातचीत और लापता होने की घटना

नंदकिशोर प्रजापति ने आखिरी बार 26 दिसंबर 2025 की रात अपनी पत्नी गंगादेवी से फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद 27 दिसंबर को 50 दिनों की छुट्टी लेकर घर (भीम, राजसमंद) के लिए रवाना हो रहे हैं। लेकिन वह घर नहीं पहुंचे। 27 और 28 दिसंबर तक जब कोई संपर्क नहीं हुआ, तो परिवार चिंतित हो गया।उनके रूम पार्टनर CRPF जवान मांगीलाल ने बताया कि नंदकिशोर 27 दिसंबर को घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन उनका सामान कमरे में ही पड़ा रह गया। उनके दो मोबाइल फोन में से एक कमरे में मिला, जबकि दूसरा गायब था।

परिजनों ने 28 दिसंबर 2025 को नीमच पहुंचकर CRPF अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने बताया कि जवान छुट्टी पर गए हैं और वापस आने पर ही जानकारी दी जा सकती है। परिवार ने आसपास के गांवों में तीन दिन तक तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। CRPF और स्थानीय पुलिस ने मदद की, फिर भी कुछ नहीं मिला।1 जनवरी 2026 को नीमच थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद परिजन गांव लौट आए थे।

कंकाल मिलने और पहचान की प्रक्रिया

8 फरवरी 2026 को CRPF परिसर में सफाई के दौरान कर्मचारियों को झाड़ियों में कंकाल मिला। उन्होंने तुरंत CRPF अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस और CRPF के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

8 फरवरी की रात को नंदकिशोर के दोनों बेटे पंकज और राहुल सहित 20 से अधिक परिजन नीमच के लिए रवाना हुए। 9 फरवरी सुबह CRPF अधिकारियों ने शिनाख्त करवाई। पहचान मुख्य रूप से हाथ में पहने कड़े (ब्रेसलेट), घड़ी, अंगूठी, मोबाइल और कपड़ों से हुई।

पोस्टमॉर्टम नीमच जिला अस्पताल की मोर्चरी में किया गया। उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन सोमवार (10 फरवरी 2026 के आसपास) देर रात बॉडी लेकर भीम पहुंचे। मंगलवार को सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार से पहले तिरंगा यात्रा निकाली गई।

परिजनों की प्रतिक्रिया और मांग

छोटे भाई महेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार को इस घटना पर गहरा सदमा लगा है। उन्होंने हत्या की आशंका जताई है, क्योंकि जवान CRPF के ही परिसर में लापता हुए और कंकाल भी वहीं मिला। परिसर में भारी सुरक्षा होने के बावजूद ऐसी घटना कैसे हुई, इस पर सवाल उठ रहे हैं।परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मौत की वजह फिलहाल फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। कैंट थाना पुलिस जांच कर रही है।