जयपुर के चिकित्सा जगत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। डॉ. अचल शर्मा, जो एक बड़े विवाद का खुलासा करने के बाद चर्चा में आए थे, उन्होंने अब अचानक सरकारी सेवा से दूरी बना ली है।
तय समय से पहले लिया बड़ा फैसला
सवाई मानसिंह अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन और पूर्व अधीक्षक रहे डॉ. अचल शर्मा ने वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) ले लिया है। खास बात यह है कि उनका रिटायरमेंट वर्ष 2029 में प्रस्तावित था, लेकिन उन्होंने करीब 3 साल पहले ही सेवा छोड़ दी।
सरकार ने उनके आवेदन को मंजूरी दे दी है, जो कुछ महीने पहले ही दिया गया था।
अस्पताल की राजनीति या निजी कारण?
हालांकि आधिकारिक तौर पर डॉ. शर्मा ने अपने इस फैसले के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है, लेकिन उनके इस कदम को अस्पताल की आंतरिक परिस्थितियों और पिछले घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
किडनी कांड से जुड़ा नाम
डॉ. अचल शर्मा वही डॉक्टर हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कथित किडनी कांड की शिकायत उच्च स्तर पर की थी। इस खुलासे के बाद मामला काफी चर्चा में आया और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई थी।
बताया जाता है कि इस मामले के बाद:
उन्हें अधीक्षक पद से हटा दिया गया
प्रशासनिक स्तर पर कई बदलाव हुए
अस्पताल के भीतर तनाव की स्थिति बनी रही
एक प्रतिष्ठित करियर
डॉ. शर्मा जयपुर के जाने-माने न्यूरोसर्जन रहे हैं। उन्होंने:
न्यूरोसर्जरी विभाग के एचओडी के रूप में सेवाएं दीं
अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाली
चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय तक योगदान दिया
कई सवाल अभी भी बाकी
उनके अचानक वीआरएस लेने के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं:
क्या यह सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से लिया गया फैसला है?
या फिर इसके पीछे कोई और दबाव या परिस्थितियां हैं?
क्या किडनी कांड से जुड़ी घटनाओं का इस निर्णय से कोई संबंध है?
फिलहाल, इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं, लेकिन इतना जरूर है कि इस फैसले ने चिकित्सा जगत और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।