बालोतरा जिले के सिवाना थाना क्षेत्र के धीरा गांव में रविवार सुबह गैस सिलेंडर में रिसाव के बाद लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। हालांकि घर में मौजूद महिला की सूझबूझ और तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। महिला ने समय रहते अपने बच्चों और अन्य परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिसके कुछ ही देर बाद सिलेंडर में जोरदार धमाका हो गया।

जानकारी के अनुसार धीरा गांव निवासी पोलाराम पुत्र सकाराम अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहता है। रविवार सुबह करीब 6 बजे उसकी पत्नी सतादेवी रसोई में चाय बनाने के लिए गई थी। गैस चालू करते ही सिलेंडर में रिसाव शुरू हो गया और कुछ ही सेकंड में टंकी के ऊपरी हिस्से में आग लग गई।

महिला ने दिखाई बहादुरी

अचानक आग भड़कने से घर में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सतादेवी ने घबराने के बजाय साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने घर में सो रहे बच्चों और अन्य परिजनों को तुरंत बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

परिवार के बाहर निकलने के कुछ ही मिनट बाद आग ने विकराल रूप ले लिया और गैस सिलेंडर में जोरदार धमाका हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेत तथा पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।

कच्चा मकान और सामान जलकर खाक

ग्रामीणों के प्रयासों के बावजूद आग ने पूरे कच्चे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में रखा नकदी, जेवरात, कपड़े, बर्तन और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गया। सिलेंडर में हुए धमाके से गैस टंकी में छेद हो गया।

गनीमत रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। समय रहते परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

प्रशासन से सहायता की मांग

पीड़िता सतादेवी ने बताया कि आग लगते ही सबसे पहले बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे के बाद परिवार सदमे में है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और नुकसान का आकलन कर राहत देने की मांग की है। गांव में हुए इस हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों में भी भय और चिंता का माहौल है।