वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमतों में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दामों में करीब 2 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिससे कमोडिटी बाजार में निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और डॉलर की चाल में बदलाव के कारण निवेशकों ने सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) के रूप में प्राथमिकता दी है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ी और कीमतों में तेजी आई।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब भी वैश्विक स्तर पर आर्थिक जोखिम बढ़ते हैं या तेल की कीमतों में कमजोरी आती है, तब निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ाते हैं। हालिया तेजी भी इसी प्रवृत्ति का परिणाम मानी जा रही है।
सोने की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का रुख जारी रहता है, तो घरेलू सर्राफा बाजारों में भी सोने के दाम और बढ़ सकते हैं। इससे निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों की लागत भी बढ़ने की संभावना है।
वहीं, क्रूड ऑयल की कीमतों में आई गिरावट से तेल आयात करने वाले देशों को कुछ राहत मिल सकती है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के आधार पर सोने और कच्चे तेल की कीमतों में आगे की दिशा तय होगी। फिलहाल सोना मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है और निवेशकों की नजरें इसके अगले स्तर पर टिकी हुई हैं।