राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार अब बड़े स्तर पर तैयारी में जुट गई है। इसी दिशा में अगले महीने 23 से 25 मई तक प्रदेश में ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रोटेक मीट (GRAM-2026)’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। गुरुवार को उन्होंने दिल्ली में देश के बड़े निवेशकों और उद्योगपतियों से मुलाकात कर उन्हें राजस्थान में निवेश करने और इस मेगा इवेंट में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

खेती में बदलाव का नया विजन

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कहा कि राजस्थान में खेती सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है।

उन्होंने माना कि बदलते समय के साथ खेती कई नई चुनौतियों का सामना कर रही है—जैसे जल संकट, बाजार तक पहुंच और तकनीकी पिछड़ापन। इन समस्याओं से निपटने के लिए इनोवेशन, आधुनिक तकनीक और बेहतर मार्केट लिंक बेहद जरूरी हैं।

‘GRAM-2026’ इसी सोच के साथ एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनेगा, जहां किसान सीधे नई तकनीक, रिसर्च संस्थानों और बड़े एग्री-बिजनेस समूहों से जुड़ सकेंगे।

“ग्लोबल हब बनेगा राजस्थान” — किरोड़ी लाल मीणा

राज्य के कृषि मंत्री Kirodi Lal Meena ने कहा कि राजस्थान की कृषि अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।

उन्होंने बताया कि सरकार खासतौर पर मिलेट्स (जैसे बाजरा), बागवानी और जल संरक्षण तकनीकों पर फोकस कर रही है। उनका मानना है कि ‘GRAM-2026’ के जरिए राजस्थान को ग्लोबल एग्रीकल्चर ट्रेड का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री Bhagirath Choudhary और किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी भी मौजूद रहे।

GSVA में राजस्थान देश से आगे

राजस्थान का कृषि क्षेत्र पहले से ही मजबूत स्थिति में है। राज्य की ग्रॉस स्टेट वैल्यू एडिशन (GSVA) में कृषि का योगदान 26.92% है, जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 18% है।

यानी राजस्थान इस मामले में देश से लगभग 8% आगे है। इसके अलावा प्रदेश की करीब 27% आबादी सीधे तौर पर खेती या कृषि मजदूरी से जुड़ी हुई है।

पिछले 5 वर्षों में कृषि क्षेत्र में 2.34 बिलियन डॉलर का निवेश आना इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

गांवों में आएंगे रोजगार, बढ़ेगी GDP

सरकार की योजना है कि ‘GRAM-2026’ के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश लाया जाए, जिससे गांवों में ही रोजगार के अवसर पैदा हों।

इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और जीडीपी में तेजी से वृद्धि होगी।

कुल मिलाकर, यह आयोजन राजस्थान की कृषि को पारंपरिक ढांचे से निकालकर आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।