राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत भेजी गई करीब 9 किलो 908 ग्राम हेरोइन जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि हेरोइन खरीदने वाले तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

खुफिया सूचना पर बिछाया जाल

शुक्रवार देर शाम जैतसर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दो तस्कर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए गिराई गई हेरोइन को लेकर पंजाब की तरफ जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने अनूपगढ़-सूरतगढ़ स्टेट हाईवे पर 6GB क्षेत्र में नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी।

कुछ ही देर बाद एक तेज रफ्तार सफेद स्विफ्ट कार मौके पर पहुंची। पुलिस ने वाहन रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश की।

भागते समय पुलिस वाहन को मारी टक्कर

फरार होने की कोशिश में तस्करों ने पास में खड़ी पुलिसकर्मी की स्विफ्ट डिजायर कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पुलिस वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि मौके पर मौजूद एक कॉन्स्टेबल के सिर में गंभीर चोट आई। इसके बावजूद पुलिस ने पीछा कर कार को घेर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

20 पैकेट हेरोइन और नकदी बरामद

श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरीशंकर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मेंद्र सिंह उर्फ बब्बू (32), निवासी लुधियाना (पंजाब) और जसविंद्र सिंह उर्फ जस्सी (34), निवासी समेजा कोठी, श्रीगंगानगर के रूप में हुई है।

आरोपियों के कब्जे से 20 पैकेट हेरोइन, कुल 9.908 किलोग्राम मादक पदार्थ और 1.40 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप पंजाब में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी।

पाकिस्तान ड्रोन नेटवर्क की जांच तेज

पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि हेरोइन पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में गिराई गई थी। मामले में हेरोइन खरीदने वाले तीन अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।

एसपी हरीशंकर ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि पुलिस अब पूरे नेटवर्क, पाकिस्तान कनेक्शन और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी लगातार सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर दबाव बढ़ता जा रहा है।