नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सोमवार को INDIA गठबंधन की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विपक्षी गठबंधन के 23 दलों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया और आगामी राजनीतिक रणनीति के साथ-साथ संसद सत्र में केंद्र सरकार को घेरने के मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि गठबंधन की सभी पार्टियों के बीच पांच महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है, जिन पर आने वाले दिनों में संयुक्त रूप से काम किया जाएगा।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि गठबंधन ने पांच प्रमुख मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने का फैसला किया है। इनमें सबसे पहला मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर है। विपक्षी दलों ने इस विषय पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा NEET परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

गठबंधन ने देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं पर व्यापक चर्चा की। इन मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही यह भी तय किया गया कि INDIA गठबंधन की बैठक हर दो महीने में आयोजित होगी, ताकि विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।

इसके अलावा संसद सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में प्रतिदिन बैठक आयोजित करने का फैसला लिया गया है। विपक्षी दलों का मानना है कि इससे संसद में सरकार के खिलाफ एकजुट रणनीति बनाने और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में मदद मिलेगी।

मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। खरगे ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है और गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता की परेशानियां बढ़ी हैं। वहीं युवाओं को लेकर उन्होंने परीक्षा प्रणाली में अव्यवस्था का मुद्दा उठाया और कहा कि विभिन्न परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कर्तव्य है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाए और सरकार को जवाबदेह बनाए।

बैठक से पहले कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच हुई गर्मजोशी भरी मुलाकात भी चर्चा का विषय रही। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिन्हें विपक्षी एकजुटता का संकेत माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी राज्यों और संसद सत्र को देखते हुए INDIA गठबंधन अपनी एकजुटता दिखाने और साझा राजनीतिक एजेंडा तैयार करने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली में हुई यह बैठक विपक्षी दलों की रणनीति और भविष्य की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।