भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। भाटिया ने CJP नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराते हुए 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने अदालत से विवादित पोस्ट को आगे शेयर करने पर रोक लगाने और नेताओं से सार्वजनिक माफी मंगवाने की भी अपील की है।
क्या है फर्जी AI पोस्ट का मामला?
इस पूरी राजनीतिक खींचतान की जड़ सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट है। दरअसल, CJP नेता सौरव दास ने इंटरनेट पर एक ग्राफिक शेयर किया था, जिसमें गौरव भाटिया के हवाले से एक बयान लिखा गया था। इस फर्जी बयान में दावा किया गया था कि CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता पर हमला करने वाला मुख्य आरोपी 'स्वतंत्र भारद्वाज' दिमागी रूप से नक्सल है, उसके अंदर जातिवाद का जहर भरा है और बीजेपी का उससे कोई लेना-देना नहीं है।
भाटिया का 24 घंटे का अल्टीमेटम और दास की सफाई
इस पोस्ट के वायरल होते ही गौरव भाटिया ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इस बयान को पूरी तरह से फर्जी करार देते हुए सौरव दास को 24 घंटे के भीतर पोस्ट डिलीट करने और बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद, दास ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से वह पोस्ट हटा दी। अपनी सफाई में दास ने माना कि वह ग्राफिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया था।
हालांकि, पोस्ट हटाने के बाद भी दास ने बीजेपी पर निशाना साधना बंद नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गौरव भाटिया AI से बने इस बयान (स्वतंत्र भारद्वाज की आलोचना) से सच में असहमत हैं? दास ने यह भी कहा कि जब बीजेपी के सहयोगी चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज से किनारा करते हुए FIR तक दर्ज कराई है, तो फिर बीजेपी इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधे हुए है? क्या पार्टी ऐसे लोगों को बचा रही है?
आशुतोष रांका ने भी बढ़ाई आग
इस विवाद में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। आरोप है कि रांका ने सौरव दास के अकाउंट से उस विवादित AI ग्राफिक को रीपोस्ट कर मामले को और हवा दी। इतना ही नहीं, उन्होंने पोस्ट के साथ बीजेपी नेताओं का मजाक उड़ाने वाला एक कैप्शन भी लिखा था।
कहां से शुरू हुआ था जंतर-मंतर का पूरा विवाद?
यह मानहानि का पूरा मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक हालिया प्रदर्शन से जुड़ा है। CJP के छात्र प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार की वहां मौजूद कुछ लोगों से तीखी झड़प हो गई थी। CJP का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथियों ने संजय कुमार पर जानलेवा हमला किया था। शुरुआत में भारद्वाज ने खुद एक वीडियो में शेखी बघारते हुए दावा किया था कि उसने "आजाद के पिता की खोपड़ी तोड़ दी है", हालांकि बाद में विवाद बढ़ने पर वह अपने इस बयान से साफ मुकर गया।
अब यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच चुका है। अदालत का रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि AI तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी राजनीतिक बयानबाजी फैलाने पर क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।