भारतीय वायुसेना (IAF) के जांबाज अफसर और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद देश के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने जिंदगी की एक नई पारी की शुरुआत की है। छह दशक पुराने मिग-21 से पाकिस्तान के अत्याधुनिक F-16 फाइटर जेट को धूल चटाने वाले इस वीर सपूत ने वायुसेना से रिटायरमेंट ले लिया है। अब वे आसमान में लड़ाकू विमान की जगह यात्रियों से भरा कमर्शियल हवाई जहाज उड़ाते नजर आएंगे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन वर्धमान ने हाल ही में एक प्राइवेट रीजनल एयरलाइंस 'फ्लाई 91' (Fly91) ज्वाइन कर ली है।

22 साल की शानदार सर्विस के बाद लिया प्री-मैच्योर रिटायरमेंट

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने इसी साल मार्च 2026 में भारतीय वायुसेना से प्री-मैच्योर (समय से पहले) रिटायरमेंट ले लिया था। इसके साथ ही वायुसेना में उनके 22 साल के शानदार करियर का समापन हो गया। इसके बाद अगस्त महीने में वे बतौर कमर्शियल पायलट क्षेत्रीय विमानन कंपनी 'FLY91' से जुड़ गए हैं। हालांकि, एयरलाइंस के प्रवक्ता ने इसे कर्मचारियों का निजी मामला बताते हुए कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

इन 12 शहरों के बीच उड़ान भरेंगे अभिनंदन

अगर आप 'फ्लाई 91' (Fly91) एयरलाइंस से सफर करते हैं, तो हो सकता है कि आपके विमान के पायलट खुद अभिनंदन वर्धमान हों। यह एयरलाइंस मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों को जोड़ती है। अभिनंदन अब गोवा, हैदराबाद, बेंगलुरु, कोच्चि, लक्षद्वीप, पुणे, अगत्ती और हुबली समेत 12 क्षेत्रीय शहरों के रूट पर हवाई जहाज उड़ाते हुए नजर आ सकते हैं।

जब पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे

अभिनंदन वर्धमान का नाम हर भारतीय के जहन में 27 फरवरी 2019 की उस एतिहासिक घटना के साथ दर्ज है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष हुआ था। उस समय विंग कमांडर रहे अभिनंदन ने अपने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के खतरनाक एफ-16 फाइटर जेट को मार गिराया था।

इस डॉगफाइट के दौरान उनका विमान क्रैश हो गया था, जिसके बाद उन्होंने इजेक्ट किया और उनका पैराशूट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के होर्रान गांव में जा गिरा। यह जगह भारतीय सीमा (LOC) से महज 7 किलोमीटर दूर थी। पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें बंदी बना लिया था, लेकिन भारत की कड़ी चेतावनी और कूटनीतिक दबाव के आगे पाकिस्तान को झुकना पड़ा और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लौटना पड़ा। इस अदम्य साहस के लिए भारत सरकार ने उन्हें 'वीर चक्र' से सम्मानित किया था।

पाक की कैद से लौटने के बाद का सफर

पाकिस्तान की कैद से सुरक्षित देश लौटने के बाद सुरक्षा कारणों से मई 2019 में उनकी पोस्टिंग राजस्थान के सूरतगढ़ एयरबेस पर कर दी गई थी। अपने जज्बे को कायम रखते हुए उन्होंने यहां फिर से मिग-21 फाइटर जेट उड़ाना शुरू किया। उनकी बेहतरीन सेवाओं को देखते हुए नवंबर 2021 में उन्हें विंग कमांडर से प्रमोट करके 'ग्रुप कैप्टन' बना दिया गया था।