भारत की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी Meesho ने अपने कारोबार को नए स्तर पर ले जाने के लिए B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) प्लेटफॉर्म Kirana Club का लगभग ₹202 करोड़ में अधिग्रहण करने की घोषणा की है। यह सौदा पूरी तरह नकद (All-Cash Deal) में किया जाएगा और इसके जरिए मीशो देशभर के लाखों किराना दुकानदारों तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है। 

किराना बाजार में बढ़ाएगी पकड़

अब तक मीशो मुख्य रूप से उपभोक्ताओं को ऑनलाइन उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए जानी जाती रही है, लेकिन इस अधिग्रहण के बाद कंपनी सीधे छोटे रिटेलर्स और किराना स्टोर्स के विशाल नेटवर्क से जुड़ सकेगी। भारत का किराना बाजार करीब 650 अरब डॉलर का माना जाता है, जहां आज भी 90% से अधिक बिक्री पारंपरिक दुकानों के माध्यम से होती है। 

क्या है किराना क्लब?

साल 2020 में स्थापित किराना क्लब एक मोबाइल-फर्स्ट B2B प्लेटफॉर्म है, जो छोटे दुकानदारों को FMCG और किराना उत्पादों की खोज, तुलना और सीधे ब्रांड्स से ऑर्डर करने की सुविधा देता है। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 41 लाख से अधिक पंजीकृत रिटेलर्स जुड़े हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों से आती है। 

तीन चरणों में पूरा होगा सौदा

मीशो के बोर्ड ने किराना क्लब की मूल सिंगापुर स्थित इकाई और उसकी भारतीय सहायक कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दे दी है। यह अधिग्रहण तीन चरणों (Tranches) में पूरा किया जाएगा और मार्च 2027 तक इसकी प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। अधिग्रहण के बाद किराना क्लब मीशो समूह की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly-Owned Subsidiary) के रूप में काम करेगा। 

छोटे कारोबारियों को मिलेगा फायदा

मीशो का कहना है कि इस साझेदारी से किराना दुकानदारों को बेहतर उत्पाद खोज, पारदर्शी कीमतों और मजबूत सप्लाई नेटवर्क का लाभ मिलेगा। साथ ही मीशो की लॉजिस्टिक्स क्षमता और सप्लायर नेटवर्क के जरिए छोटे व्यापारियों को अधिक उत्पाद विकल्प और तेज़ डिलीवरी उपलब्ध कराई जा सकेगी। 

कंपनी प्रबंधन ने क्या कहा?

मीशो के सह-संस्थापक और CEO Vidit Aatrey ने कहा कि किराना क्लब ने छोटे रिटेलर्स के बीच भरोसेमंद पहचान बनाई है और यह अधिग्रहण देश के कम सेवा प्राप्त बाजारों तक बेहतर डिजिटल कॉमर्स पहुंचाने में मदद करेगा। वहीं किराना क्लब के सह-संस्थापक Anshul Gupta ने कहा कि मीशो के साथ जुड़ने से कंपनी अपने मिशन को और तेजी से आगे बढ़ा सकेगी। 

ई-कॉमर्स सेक्टर में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिग्रहण मीशो को केवल उपभोक्ता ई-कॉमर्स कंपनी से आगे बढ़ाकर एक मजबूत B2B और रिटेल इकोसिस्टम खिलाड़ी बना सकता है। इससे कंपनी की पकड़ ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में और मजबूत होगी तथा भविष्य में किराना व्यापार के डिजिटलीकरण को नई गति मिल सकती है।