मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजराइल ने सोमवार रात लेबनान में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक करते हुए 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। इजराइली सेना का दावा है कि ये हमले हिजबुल्लाह के सैन्य अड्डों और हथियारों के ठिकानों पर किए गए, लेकिन लेबनान से आ रही तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।

राजधानी बेरूत समेत कई इलाकों में रातभर जोरदार धमाके सुनाई दिए। आसमान में धुएं के गुबार छा गए और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। कई रिहायशी इमारतें हमलों में तबाह हो गईं।

10 मिनट में 160 बम गिराने का दावा

इजराइली सेना के मुताबिक, इस ऑपरेशन में करीब 50 लड़ाकू विमानों को शामिल किया गया। सेना ने दावा किया कि महज 10 मिनट के भीतर 160 बम गिराए गए। टारगेट पर हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर, हथियारों के गोदाम और वरिष्ठ कमांडर थे।

हालांकि, लेबनान के स्थानीय लोगों और अधिकारियों का कहना है कि कई हमले आबादी वाले इलाकों में हुए, जहां बड़ी संख्या में आम नागरिक रहते हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई इमारतें मलबे में तब्दील दिखाई दीं।

अस्पतालों में हड़कंप, ब्लड डोनेट की अपील

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमलों में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई। कई अस्पतालों ने खून की कमी को देखते हुए लोगों से ब्लड डोनेट करने की अपील की है।

हालांकि, अब तक मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में आम नागरिकों की मौत की आशंका जताई जा रही है।

सीजफायर के बावजूद हमला

सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका की मध्यस्थता से इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू था। इसके बावजूद इजराइल ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की।

इजराइल ने पहले ही साफ कर दिया था कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते का लेबनान से कोई संबंध नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसे अलग मामला बताया था।

ईरान की चेतावनी से बढ़ा तनाव

इजराइल के ताजा हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान की ओर से चेतावनी दी गई है कि अगर इजराइल इसी तरह हमले जारी रखता है तो हालात और बिगड़ सकते हैं और युद्धविराम खत्म हो सकता है।

मिडिल ईस्ट में पहले से जारी तनाव के बीच इस घटनाक्रम ने नए युद्ध की आशंका बढ़ा दी है।

15 लाख लोग छोड़ चुके हैं घर

लेबनान में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। युद्ध और लगातार हमलों के कारण अब तक 15 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। कई गांव पूरी तरह खाली हो चुके हैं। लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में पलायन कर रहे हैं।

यूएन ने की हमलों की निंदा

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इजराइल के हमलों पर चिंता जताई है। यूएन ह्यूमन राइट्स चीफ ने इन हमलों को “भयानक” बताया और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

फिलहाल हिजबुल्लाह की ओर से कोई बड़ा जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन इलाके में तनाव बेहद ज्यादा बना हुआ है। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।