भीलवाड़ा, 8 फरवरी 2026: राजस्थान के ब्यावर-भीलवाड़ा नेशनल हाईवे (NH-158) पर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है, जिसमें जयपुर के 30 वर्षीय बिजनेसमैन नागेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा शनिवार (7 फरवरी) की रात करीब 2 बजे मांडल इलाके के हरिपुरा चौराहे के पास हुआ। हादसे से ठीक दो दिन पहले, 6 फरवरी को नागेंद्र सिंह की सगाई हुई थी, जिसके बाद यह खबर उनके परिवार और रिश्तेदारों के लिए दोहरी त्रासदी बन गई है।

नागेंद्र सिंह मूल रूप से नागौर जिले के मकराना तहसील के गांव रायतलिया के रहने वाले थे। उनका परिवार जयपुर के मालवीय नगर में रहता है, जहां उनका अपना मकान भी है। वे सोलर एनर्जी बिजनेस से जुड़े हुए थे और भीलवाड़ा में किराए की जमीन पर कई सोलर प्लांट स्थापित किए हुए थे। इसी कारण उनका जयपुर से भीलवाड़ा का नियमित आना-जाना लगा रहता था।

हादसे के समय नागेंद्र सिंह चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा में एक शादी समारोह में शामिल होकर अपनी कार से भीलवाड़ा की ओर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, सामने से आ रहे एक ट्रेलर से उनकी कार की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए। नागेंद्र सिंह का शव कार में बुरी तरह फंस गया था।

मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार का गेट तोड़कर क्रेन की मदद से शव को बाहर निकाला। हाईवे एंबुलेंस से उन्हें तुरंत उपजिला अस्पताल मांडल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मांडल थाना प्रभारी (SHO) रोहिताश्व यादव ने बताया कि हादसे की प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और कम विजिबिलिटी (दृश्यता) को मुख्य कारण माना जा रहा है। रात के समय हाईवे पर घना कोहरा या कम रोशनी के चलते ऐसी दुर्घटनाएं आम हो सकती हैं। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और उसके ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है। हरिपुरा चौकी और मांडल थाने की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।

हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को हाईवे से हटाया गया ताकि आवागमन बहाल हो सके। रविवार दोपहर करीब 12 बजे पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। परिजन शव लेकर मकराना के लिए रवाना हो गए।