राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर के खुहड़ी थाना इलाके के सोड़ा गांव से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां मामूली कहासुनी के बाद करीब 15 बदमाशों ने मिलकर एक युवक की लाठी, डंडों और लोहे के सरियों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी युवक को बोलेरो कैंपर गाड़ी से नीचे फेंककर भागते नजर आ रहे हैं।

इस खौफनाक हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। मृतक के परिजन और ग्रामीण अस्पताल की मॉर्च्युरी (शवगृह) के बाहर धरने पर बैठ गए हैं और उन्होंने शव उठाने से साफ इनकार कर दिया है।

चश्मदीद की जुबानी: 'सामने से 3 गाड़ियां डिपर मारते हुए आईं और...'

वारदात के समय मृतक महावीर सिंह के साथ बाइक पर पीछे बैठे धानेली निवासी भोपाल सिंह इस हमले में बाल-बाल बचे हैं। अस्पताल में इलाज करवा रहे भोपाल सिंह ने पूरी घटना की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी बताई है:

10 किलोमीटर दूर ले जाकर चलती गाड़ी से फेंका

भोपाल सिंह ने आगे बताया कि टक्कर लगते ही बदमाश नीचे उतरे। उन्होंने सबसे पहले भोपाल को उठाकर अपनी गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद करीब 15 बदमाशों ने महावीर सिंह को घेर लिया और उस पर लाठियों और लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बदमाशों ने महावीर को तब तक बेरहमी से पीटा, जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। इसके बाद वे लहूलुहान महावीर को भी गाड़ी में डालकर रवाना हो गए।

करीब 10 किलोमीटर आगे जाने के बाद बदमाशों ने भोपाल सिंह का मोबाइल छीन लिया और उन्हें चलती गाड़ी से नीचे फेंक दिया। बदमाशों ने धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को भी बताया तो जान से मार देंगे। भोपाल सिंह ने बताया कि वे गाड़ियों में सवार बदमाशों में से म्याजलार निवासी हमीर सिंह और सब्जी की गाड़ी चलाने वाले पापू सिंह को पहचानते हैं, बाकी अन्य शूटर और बदमाश थे।

पिता बोले— अंदाजा नहीं था कि वह 15 लोगों को लाकर हत्या कर देगा

मृतक महावीर सिंह के पिता गोरधन सिंह ने टूटती आवाज में बताया कि उनके बेटे की आरोपी हमीर सिंह के साथ पहले भी दो-तीन बार कहासुनी हुई थी, लेकिन उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह मामूली बात पर 15 लोगों को साथ लाकर इस तरह बेरहमी से उनके बेटे की जान ले लेगा।

परिजनों का आरोप है कि इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी और सीधे अस्पताल से महावीर के शव को लाकर मॉर्च्युरी में रखवा दिया। इस बात से नाराज परिजन अब जिद पर अड़ गए हैं कि जब तक पुलिस सभी 15 आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लेती, वे शव नहीं उठाएंगे।

भारी पुलिस बल तैनात, नाकाबंदी जारी

जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि म्याजलार निवासी महावीर सिंह की मारपीट के दौरान मौत हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए पूरे जिले में भारी नाकाबंदी करवा दी है। इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए अस्पताल और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।