अजमेर। मानव तस्करी और नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए आरोपी दो महिलाओं के अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम की टीम ने सरकारी जमीन पर बने इन मकानों को हथौड़े और ड्रिल मशीन की मदद से तोड़ा। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे।
अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, दोनों आरोपी महिलाओं के मकान वन विभाग, नगर निगम और अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) की सरकारी भूमि पर बिना किसी स्वीकृति, रजिस्ट्री या वैध दस्तावेज के बने हुए थे। नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी रमेश चौधरी ने बताया कि दरगाह थाना पुलिस से प्राप्त पत्र के आधार पर जांच कराई गई। जांच में अवैध निर्माण की पुष्टि होने के बाद मकान मालिकों को नोटिस जारी किया गया और जवाब मांगा गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने कहा कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग और नाबालिग से गैंगरेप के मामले में आरोपी इन दो महिलाओं के अवैध निर्माणों को चिह्नित कर नगर निगम के सहयोग से तोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करना और अवैध संपत्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता है। एक अन्य अवैध निर्माण भी चिह्नित किया गया है, जिस पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
मामला क्या है?
13 जून को अजमेर में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से मानव तस्करी और गैंगरेप का मामला सामने आया था। पीड़िता की मां की परिचित एक महिला ने उसे घुमाने के बहाने पुष्कर के एक होटल में ले जाया। वहां उसने अपने दो साथियों को बुलाया, जिन्होंने नाबालिग के साथ गैंगरेप किया।इसके बाद कुछ महिलाओं ने पीड़िता को मात्र 32 हजार रुपये लेकर चूरू के 42 वर्षीय व्यक्ति से उसकी शादी करा दी। आरोपी व्यक्ति ने करीब सात महीने तक लड़की को बंधक बनाकर रखा। मामले में पुलिस ने चार महिलाओं समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आगे की योजना
नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी रमेश चौधरी ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में अन्य अवैध निर्माणों का भी सर्वे कराया जाएगा। बारिश के मौसम में इन निर्माणों से भूस्खलन और जनहानि की आशंका रहती है, इसलिए सतर्कता बरती जा रही है। साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध रूप से दिए गए बिजली और पानी के कनेक्शन काटने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल अवैध अतिक्रमण के खिलाफ है बल्कि अपराधियों को यह संदेश भी देती है कि कानून के रास्ते पर चलने वाले के अलावा किसी को भी प्रशासन से छूट नहीं मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में आगे भी सख्ती बरती जाएगी।