बाड़मेर में कैलाश चौधरी का बड़ा बयान

बाड़मेर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बाड़मेर के आदर्श स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री और भाजपा नेता कैलाश चौधरी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान, पश्चिम बंगाल की स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कई अहम बयान दिए। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं और सरकार ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगी।

बोले- बंगाल की स्थिति चिंताजनक थी

मीडिया से बातचीत के दौरान कैलाश चौधरी ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान वहां गए थे और उन्होंने सीमावर्ती इलाकों की परिस्थितियों को नजदीक से देखा था। उनके अनुसार उस समय बॉर्डर क्षेत्रों की स्थिति बेहद गंभीर थी।

उन्होंने कहा कि यदि वहां राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव नहीं होता तो आने वाले वर्षों में हालात और अधिक चिंताजनक हो सकते थे। उन्होंने दावा किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना प्रशासन और आम जनता दोनों की जिम्मेदारी है।

बॉर्डर के 50 किलोमीटर क्षेत्र पर विशेष नजर

पूर्व मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे 50 किलोमीटर के दायरे में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील होते हैं, इसलिए यहां अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

चौधरी ने कहा कि प्रशासन लगातार अपने स्तर पर काम कर रहा है और जहां भी अवैध कब्जे या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां कार्रवाई की जा रही है।

जैसलमेर के धार्मिक स्थल का किया जिक्र

कैलाश चौधरी ने जैसलमेर के एक सीमावर्ती क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि तारबंदी से कुछ किलोमीटर दूरी पर स्थित एक धार्मिक स्थल और वहां हुए विकास कार्यों को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली हर गतिविधि पर सतर्क निगरानी आवश्यक है।

उनके अनुसार ऐसे इलाकों में किसी भी बड़े निर्माण या गतिविधि की जांच और निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

अतिक्रमण करने वाले ही होंगे कार्रवाई के दायरे में

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों पर चौधरी ने कहा कि सरकार किसी वर्ग विशेष को निशाना नहीं बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल उन्हीं लोगों पर होगी जिन्होंने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया है।

उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अतिक्रमण नहीं करेगा, वह कार्रवाई के दायरे में कैसे आएगा। सरकार और प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून का पालन सुनिश्चित करना है।

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार

कांग्रेस की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने कहा कि अवैध कब्जों को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा करना गलत है और प्रशासन को अपना काम करने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सर्वोपरि होता है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पाकिस्तान समर्थक गतिविधियों पर सख्त चेतावनी

पूर्व मंत्री ने कहा कि भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान लंबे समय से देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास करता रहा है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति या समूह किसी भी रूप में ऐसी गतिविधियों को सहयोग देता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

बोले- कानून अपना काम करेगा

कैलाश चौधरी ने कहा कि आने वाले समय में भी जहां कहीं अवैध अतिक्रमण मिलेगा, वहां प्रशासन कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और सरकार किसी भी अवैध गतिविधि को संरक्षण नहीं देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सीमावर्ती जिलों में जारी है कार्रवाई

गौरतलब है कि राजस्थान के पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों में तारबंदी के आसपास के क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। बाड़मेर के गडरारोड, रामसर, सेड़वा और बाखासर क्षेत्रों सहित कई स्थानों पर प्रशासन ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की है।

इसी संदर्भ में कैलाश चौधरी का यह बयान राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।