कानपुर के हैलट अस्पताल में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। इस मासूम का दर्दनाक हाल उसका सौतेला पिता ही बन गया, जिसने पंजाब के लुधियाना में उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। बच्ची की हालत बिगड़ने पर मां ने इलाज के बजाय झाड़फूंक का सहारा लिया, लेकिन सच्चाई छिप नहीं सकी। आखिरकार, कानपुर के जिलाधिकारी के हस्तक्षेप और मौसी की पहल से इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की। यह घटना रिश्तों को शर्मसार करने वाली है और समाज में व्याप्त चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाती है।

घटना का विवरण

गोंडा निवासी एक व्यक्ति, जो पीड़िता का सौतेला पिता है, ने लुधियाना में इस नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया। जब बच्ची की हालत गंभीर हो गई, तो उसे मां के साथ गोंडा भेज दिया गया। मां ने इस जघन्य अपराध को छिपाने की कोशिश की और बच्ची का इलाज कराने के बजाय झाड़फूंक करवाती रही। बच्ची की मौसी ने उसे कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू करते हुए पुलिस को सूचित किया। हैलट अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता की हालत नाजुक है, और उसे गंभीर सर्जरी की जरूरत है। 

मां की दूसरी शादी और बच्ची का दर्द

पीड़िता की मां, जो कानपुर के काकादेव क्षेत्र की रहने वाली है, ने अपने पहले पति के निधन के बाद गोंडा निवासी एक व्यक्ति से दूसरी शादी की थी। मां की दो बेटियां थीं, जिनमें से पीड़िता अपनी ननिहाल में 12 साल तक रही। नौ माह की उम्र से वह ननिहाल में थी, लेकिन दूसरी शादी के बाद मां उसे अपने साथ गोंडा और फिर लुधियाना ले गई। यहीं से उसकी जिंदगी में दर्दनाक मोड़ आया, जब सौतेले पिता ने उसका शारीरिक शोषण शुरू किया।

समाज के लिए सवाल

यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में व्याप्त चुप्पी और अंधविश्वास पर भी सवाल उठाती है। मां का अपनी बेटी के साथ हुए अत्याचार को छिपाना और झाड़फूंक जैसे अवैज्ञानिक तरीकों पर भरोसा करना इस बात का सबूत है कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई की कितनी जरूरत है।