हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद आखिरकार राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही आरसीए का कामकाज एडहॉक कमेटी के भरोसे चल रहा था, लेकिन अब ढाई साल बाद संस्था को अपना नया निर्वाचित अध्यक्ष मिलने जा रहा है। चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 26 सितंबर तय की गई है, जबकि 29 सितंबर को मतदान के जरिए आरसीए के नए 'बॉस' का फैसला हो जाएगा।

इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि अध्यक्ष पद की कुर्सी पर काबिज होने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 7 बड़े नेताओं के बेटों ने पूरी ताकत झोंक दी है।

राजनीति में एंट्री का नया 'लॉन्चपैड' बना आरसीए

जिस तरह कभी छात्रसंघ चुनावों को राजनीति की पहली सीढ़ी माना जाता था, ठीक उसी तरह अब क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यकारिणी में शामिल होना मुख्यधारा की राजनीति में एंट्री का आसान और प्रभावी रास्ता बन गया है। यही कारण है कि बीजेपी के कई कद्दावर नेताओं के बेटे इस बार आरसीए चुनाव में ताल ठोक रहे हैं।

हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट भी तेज है कि इस बार भी अध्यक्ष पद के लिए 'दिल्ली से पर्ची' आ सकती है। यानी, बीजेपी हाईकमान किसी एक नाम पर मुहर लगाकर भेज सकता है। लेकिन नेताओं के बेटों की मजबूत दावेदारी और उनकी महत्वाकांक्षाओं को देखते हुए आलाकमान के लिए भी यह फैसला थोपना इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि इससे बगावत का खतरा भी मंडरा रहा है।

अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन हैं शामिल?

आरसीए के इस महासंग्राम में जिन नेताओं के पुत्रों का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, वे इस प्रकार हैं:

  • धनंजय सिंह: कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे और वर्तमान में जोधपुर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष। इन्हें अध्यक्ष पद का सबसे प्रबल और मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

  • पराक्रम सिंह: चूरू जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पराक्रम, पूर्व नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के दिग्गज नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ के बेटे हैं।

  • मोहित यादव: पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक डॉ. जसवंत सिंह के पुत्र। मोहित अलवर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं और एडहॉक कमेटी के कन्वीनर भी रह चुके हैं।

  • आशीष तिवाड़ी: सीकर जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष आशीष, भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे हैं।

  • पवन दिलावर: राज्य के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर वर्तमान में बारां जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

  • विक्रम देवासी: सिरोही जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विक्रम, राजस्थान सरकार के मंत्री और धर्मगुरु ओटाराम देवासी के बेटे हैं।

  • प्रेम प्रताप: पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के पुत्र प्रेम प्रताप बांसवाड़ा जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं।

बिना राजनीतिक घराने वाले चेहरे भी मैदान में

नेताओं के बेटों की इस फौज के बीच कुछ ऐसे नाम भी हैं, जो अपनी व्यक्तिगत मेहनत के दम पर मैदान में हैं। इनमें दीनदयाल कुमावत का नाम प्रमुख है। वे किसी नेता के पुत्र नहीं हैं, बल्कि पिछले दो दशकों से भाजपा में सक्रिय हैं और आरसीए की एडहॉक कमेटी के कन्वीनर भी रह चुके हैं।

इसके अलावा, महिला कोटे से शोभना गुर्जर का नाम चर्चा में है। दौसा जिला प्रमुख रह चुकीं और दौसा जिला क्रिकेट संघ की मौजूदा अध्यक्ष शोभना ने आरसीए की कार्यकारिणी सदस्य के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि 29 सितंबर को होने वाले मतदान में आरसीए का ताज किसके सिर सजता है— किसी दिग्गज नेता के बेटे के, या फिर हाईकमान की किसी गुप्त पर्ची के जरिए कोई नया चेहरा सामने आता है।