श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई नेशन ए सीरीज के फाइनल मुकाबले में भारत A के बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका A के सामने 378 रनों का विशाल लक्ष्य रख दिया। दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मेजबान टीम के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का श्रीलंका का फैसला उस समय गलत साबित हुआ जब युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने तूफानी शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 132 रनों की शानदार साझेदारी की और श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। हालांकि वह शतक से केवल 6 रन दूर रह गए और कप्तान सहन अराच्चिगे की गेंद पर आउट हो गए।
वैभव के आउट होने के बाद प्रियांश आर्य भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। उन्होंने 29 गेंदों पर 39 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और एक छक्का शामिल था। इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 84 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंदों पर 40 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए 90 गेंदों में 67 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। दोनों के आउट होने के बाद कुमार कुशाग्र ने 36 रन का योगदान दिया और टीम के स्कोर को मजबूती दी।
मध्यक्रम के बल्लेबाजों के योगदान से भारत A ने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। हालांकि अंतिम ओवरों में नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, लेकिन भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंचने में सफल रही।
अब श्रीलंका A के सामने ट्राई नेशन ए सीरीज का खिताब जीतने के लिए 378 रनों का कठिन लक्ष्य है। भारतीय गेंदबाजों पर इस विशाल स्कोर का बचाव कर टीम को चैंपियन बनाने की जिम्मेदारी होगी।
भारत A का स्कोर:
377/9 (50 ओवर)
प्रमुख बल्लेबाज:
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वैभव सूर्यवंशी – 94 (29 गेंद)
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तिलक वर्मा – 67 (90 गेंद)
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ऋतुराज गायकवाड़ – 40 (51 गेंद)
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प्रियांश आर्य – 39 (29 गेंद)
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कुमार कुशाग्र – 36 रन