नई दिल्ली: स्किनकेयर को अक्सर केवल त्वचा की सुंदरता और देखभाल से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन एक हालिया अध्ययन में यह सामने आया है कि रोजाना सिर्फ 5 मिनट का साधारण स्किनकेयर रूटीन मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से चेहरे की सफाई (क्लींजिंग) और मॉइस्चराइजिंग जैसी आसान आदतें तनाव कम करने, मन को शांत रखने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मददगार हो सकती हैं

जब कोई व्यक्ति रोजाना कुछ मिनट अपने लिए निकालकर स्किनकेयर करता है, तो यह एक तरह की सेल्फ-केयर (Self-Care) गतिविधि बन जाती है। इससे व्यक्ति वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करता है, जिससे मानसिक तनाव और चिंता में कमी आ सकती है। यह प्रक्रिया माइंडफुलनेस (Mindfulness) की तरह काम करती है और मानसिक शांति का अनुभव कराती है।

 स्किनकेयर रूटीन अपनाने से व्यक्ति में आत्मविश्वास भी बढ़ता है। त्वचा स्वस्थ और साफ दिखने पर लोग अपने बारे में बेहतर महसूस करते हैं, जिसका सीधा असर उनके मूड और आत्मसम्मान पर पड़ता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि स्किनकेयर मानसिक स्वास्थ्य उपचार का विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक सहायक आदत के रूप में लाभ पहुंचा सकता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से तनाव, अवसाद या चिंता जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, तो उसे केवल स्किनकेयर पर निर्भर रहने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

स्किनकेयर रूटीन के संभावित फायदे

तनाव और मानसिक दबाव कम करने में मदद। भावनात्मक संतुलन और मानसिक शांति में सुधार। आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने में सहायक। स्वस्थ आदत विकसित करने और नियमित दिनचर्या बनाए रखने में मदद। त्वचा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव।

 सुबह या रात में केवल 5 मिनट का सरल स्किनकेयर रूटीन—जैसे चेहरे की सफाई, मॉइस्चराइजर लगाना और जरूरत पड़ने पर सनस्क्रीन का उपयोग—न केवल त्वचा बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक साबित हो सकता है। हालांकि, गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना हमेशा आवश्यक है।