रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के बन्दा गांव में शनिवार को शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक मदन दिलावर के दौरे के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब सांड के हमले में जान गंवाने वाले गोपाल भील के परिजन और ग्रामीण उनसे मुलाकात कर अनुकंपा नियुक्ति एवं आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि मंत्री उनकी बात सुने बिना ही कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए "मदन दिलावर मुर्दाबाद" के नारे लगाए।
नगर निगम की गौशाला में सांड के हमले में गोपाल भील की मौत हो गई थी। घटना के बाद से परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। परिजन लंबे समय से सरकार से अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर ग्रामीण मंत्री के दौरे के दौरान उनसे मिलने पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक युवक कार्यक्रम का वीडियो बना रहा था, जिस पर मंत्री के निजी सहायक ने आपत्ति जताई। इस बात को लेकर मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ने के बाद मंत्री वहां से रवाना हो गए। मंत्री के जाने के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
ग्रामीणों का नेतृत्व निवर्तमान उप महापौर पवन मीणा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि मृतक गोपाल भील के परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता और अनुकंपा नियुक्ति दिलाने की मांग लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था कि यह एक संवेदनशील मामला है और जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार की बात सुनकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गोपाल भील के परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।