पाली जिले में पशु चोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की जनसुनवाई के दौरान एक पशुपालक अपनी पीड़ा लेकर पहुंचा और भावुक होकर कहा, "सर, मेरी 6 भैंसें ढूंढवा दीजिए। चार महीने से उन्हें तलाश रहा हूं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला।" पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस अभी तक चोरी गए पशुओं और डॉग का पता नहीं लगा सकी है।
जानकारी के अनुसार, जवड़िया गांव निवासी विक्रम पटेल, जो वर्तमान में शिव नगर, मंडिया रोड (पाली) में रहते हैं, जवड़िया गांव के पास स्थित अपने फार्म हाउस पर पशुपालन का कार्य करते हैं। उन्होंने आईजी सत्येन्द्र सिंह को दिए ज्ञापन में बताया कि करीब चार महीने पहले उनके फार्म हाउस से 6 भैंसें चोरी हो गई थीं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपए है।
खुले में चर रही थीं भैंसें, तभी उठा ले गए चोर
विक्रम पटेल ने बताया कि घटना के समय उनकी भैंसें फार्म हाउस के पास खुले क्षेत्र में चर रही थीं। इसी दौरान अज्ञात चोर उन्हें चोरी कर ले गए। उन्होंने तुरंत संबंधित थाने में मामला दर्ज कराया, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। उन्होंने अपने स्तर पर भी काफी तलाश की, लेकिन भैंसों का कोई पता नहीं चल पाया।
गांव के युवक पर जताया संदेह
पीड़ित ने अपने ज्ञापन में गांव के ही एक युवक पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस को भी इस संबंध में जानकारी दी थी, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
फार्म हाउस की सुरक्षा में लगे दो जर्मन शेफर्ड डॉग भी चोरी
विक्रम पटेल ने बताया कि भैंसों की चोरी के बाद उन्होंने फार्म हाउस की सुरक्षा के लिए दो जर्मन शेफर्ड डॉग पाल रखे थे। लेकिन करीब डेढ़ महीने पहले चोर इन दोनों डॉग को भी चोरी कर ले गए। इस मामले की भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन यहां भी जांच आगे नहीं बढ़ सकी और अब तक कोई सुराग नहीं मिला।
आईजी ने दिए जांच तेज करने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान आईजी सत्येन्द्र सिंह ने पीड़ित की पूरी बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच में तेजी लाने, सभी पहलुओं की जांच करने और जल्द उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित को भरोसा दिलाया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विक्रम पटेल ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनकी चोरी हुई 6 भैंसों और 2 जर्मन शेफर्ड डॉग का जल्द से जल्द पता लगाकर उन्हें वापस दिलाया जाए, ताकि उन्हें हुए भारी आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके।