समदड़ी (बाड़मेर): सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्थानीय पुलिस थाना परिसर में एक अनूठे और प्रेरणादायक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी, विशेषकर छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली, उनके सामाजिक दायित्वों और कानूनी अधिकारों से रूबरू कराना था।
विद्यार्थियों ने जाना 'पुलिस स्टेशन' का अंदरूनी कामकाज
कार्यक्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय, समदड़ी की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान थानाधिकारी नरपतदान के नेतृत्व में पुलिस टीम (कास्टेबल दुर्गाराम, छोटुलाल, संदीप आदि) ने छात्राओं को थाने के विभिन्न कक्षों का भ्रमण कराया। छात्राओं को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिला कि कैसे एक शिकायत दर्ज होती है, केस डायरी क्या होती है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस दिन-रात किस प्रकार कार्य करती है।
सुरक्षा और सजगता पर विशेष जोर
थानाधिकारी ने सरल और सहज भाषा में विद्यार्थियों को बताया कि पुलिस समाज की दुश्मन नहीं, बल्कि मित्र और रक्षक है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:
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महिला सुरक्षा: महिला कांस्टेबलों ने छात्राओं को "गुड टच-बैड टच", हेल्पलाइन नंबरों और आपातकालीन स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के तरीके बताए।
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साइबर जागरूकता: वर्तमान समय में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर अपराधों से बचने की सलाह दी गई।
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यातायात नियम: सड़क पर चलते समय हेलमेट, सीटबेल्ट और यातायात संकेतों के महत्व को समझाया गया।
संवाद से दूर हुई झिझक
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली हिस्सा 'प्रश्न-उत्तर सत्र' रहा। छात्राओं ने निडर होकर पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक जवाब दिया। इस संवाद ने विद्यार्थियों के मन से पुलिस के प्रति व्याप्त भय को कम कर एक सकारात्मक सोच विकसित करने का कार्य किया।