राजस्थान के पाली जिले में एक heartbreaking ट्रेन दुर्घटना ने एक परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। जोधपुर में पोस्टेड 55 वर्षीय छगनलाल की चलती ट्रेन से गिरने के कारण मौत हो गई। वे अपनी बहन से मिलने पाली आ रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा हो गया।

हादसे का विवरण हादसा 23 दिसंबर (मंगलवार) को हुआ, जब छगनलाल ट्रेन नंबर 14707 (हनुमानगढ़-दादर एक्सप्रेस, जिसे रणकपुर एक्सप्रेस भी कहा जाता है) से यात्रा कर रहे थे। यह घटना पाली जिले के रोहट और केरला रेलवे स्टेशन के बीच हुई। चलती ट्रेन में उनका पैर फिसल गया और वे नीचे गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें तुरंत पाली शहर के बांगड़ हॉस्पिटल ले जाया गया। हॉस्पिटल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्यूअरी में रखवाया गया। अगले दिन, 24 दिसंबर (बुधवार) को पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि मृतक की पहचान जोधपुर के इंद्रा कॉलोनी, प्रताप नगर निवासी 55 वर्षीय छगनलाल पुत्र धनराज के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, छगनलाल जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (क्लास IV स्टाफ) के रूप में कार्यरत थे। वे अपनी बहन से मिलने के लिए उत्साहित होकर पाली आ रहे थे। परिवार के लिए यह यात्रा खुशी की बजाय अनंत दुख लेकर आई।

परिवार का दर्द परिजनों ने बताया कि छगनलाल एक साधारण और मेहनती व्यक्ति थे। हॉस्पिटल में उनकी नौकरी से परिवार का गुजारा चलता था। बहन से मिलने की यह साधारण यात्रा उनके लिए आखिरी साबित हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। यह घटना एक बार फिर रेल यात्रा में सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है। चलती ट्रेन में दरवाजे के पास खड़े होने या पैर फिसलने जैसी छोटी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। रेलवे प्रशासन को ऐसे हादसों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और बेहतर सुरक्षा उपायों पर ध्यान देना चाहिए।