जयपुर : भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब शहर की मिठाई की दुकानों पर भी साफ दिखने लगा है। मिठाई सिर्फ स्वाद ही नहीं, अब देशभक्ति का प्रतीक भी बनती जा रही है। जयपुर के कई नामी-गिरामी मिष्ठान भंडारों में मिठाइयों के पारंपरिक नामों में बदलाव किया जा रहा है, जिसमें ‘पाक’ शब्द को हटाकर उसकी जगह ‘श्री’ या ‘भारत’ जोड़ा जा रहा है।

जहां पहले दुकानों की शेल्फ पर ‘मोती पाक’, ‘आम पाक’, ‘मैसूर पाक’, ‘गोंद पाक’ जैसी मिठाइयों के नाम आम थे, अब वहीं नई पहचान के साथ ‘मोती श्री’, ‘आम श्री’, ‘मैसूर श्री’ और ‘गोंद श्री’ जैसे नाम दिखाई दे रहे हैं। इस बदलाव के पीछे एक गहरा देशभक्ति का भाव छिपा है, जो ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

त्योहार संचालिका अंजली जैन ने बताया कि हाल ही में कई ग्राहक आने लगे जो मिठाइयों में ‘पाक’ शब्द देखकर असहज महसूस करते थे। “लोग कहते हैं कि नाम बदल दो, ‘पाक’ सुनकर अच्छा नहीं लगता,” उन्होंने बताया। इसके बाद उनकी टीम ने विचार-विमर्श कर कुछ पारंपरिक मिठाइयों के नाम बदलने का फैसला लिया।

अब ‘बीकानेरी मोती पाक’ को ‘बीकानेरी मोती श्री’, ‘चांदी भस्म पाक’ को ‘चांदी भस्म श्री’ और ‘स्वर्ण भस्म पाक’ को ‘स्वर्ण भस्म श्री’ नाम से बेचा जा रहा है। ग्राहकों ने इस पहल को जमकर सराहा है और इसे एक “मीठा” देशभक्ति का कदम बताया है।

अग्रवाल कैटरर्स के विपिन अग्रवाल ने कहा कि “जल्दी ही हमारी शॉप पर भी यह बदलाव लागू होगा। जब मिठाई के नाम में ‘श्री’ सुनेंगे तो दिल को तसल्ली मिलेगी कि कुछ तो बदला है।”

इस बदलाव को मिठाई उद्योग के अन्य लोग भी समर्थन दे रहे हैं। मुंबई मिष्ठान भंडार के मेहुल अग्रवाल, जो स्वीट्स एसोसिएशन के सदस्य हैं, ने कहा कि वे जल्द ही अपनी मिठाइयों में ‘पाक’ की जगह ‘श्री’ या ‘भारत’ शब्द जोड़ेंगे।

इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि देशभक्ति का रंग सिर्फ तिरंगे तक सीमित नहीं, वह हर स्वाद, हर परंपरा और हर नाम में घुल सकता है—यहां तक कि मिठाइयों में भी।