जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार दोपहर एक दिल दहलाने वाले आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकवादी संगठन टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने बैसरन घाटी में घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों के एक समूह को निशाना बनाया। आतंकियों ने पहले पर्यटकों से उनके नाम और धर्म पूछे, फिर हिंदू नाम सुनते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में एक पर्यटक की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि घायलों की संख्या 8 से 20 तक बताई जा रही है। न्यूज एजेंसी PTI के हवाले से एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि मरने वालों की संख्या 20 से अधिक हो सकती है। यह फरवरी 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है, जिसमें 47 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे।

हमले का भयावह मंजर

घटना दोपहर करीब ढाई बजे पहलगाम के बैसरन इलाके में हुई, जो बेताब वैली से 10 किलोमीटर की दूरी पर है। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और घास के मैदानों के लिए पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है, जहां केवल पैदल या घोड़े से पहुंचा जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 2-3 आतंकी पुलिस या सेना की वर्दी में थे। उन्होंने पर्यटकों से पहले उनका नाम और धर्म पूछा। एक महिला पर्यटक ने बताया, "मैं और मेरे पति भेलपुरी खा रहे थे। आतंकियों ने पूछा, 'मुस्लिम हो?' जब मेरे पति ने इनकार किया, तो उन्होंने सीधे गोली मार दी।" एक अन्य महिला ने चीखते हुए कहा, "मेरे पति को बचा लो, उन्हें गोली लगी है।" इस हमले में कुछ घोड़े भी घायल हुए।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिलाएं रोते-चीखते हुए मदद मांगती नजर आईं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि आतंकी स्वचालित राइफलों से लैस थे और हिंदू पर्यटकों को चुन-चुनकर निशाना बनाया।

घायलों की सूची

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में घायल हुए लोगों में शामिल हैं:

विनो भट्ट, गुजरात

एस बालचंद्रू, महाराष्ट्र

अभिजवन राव, कर्नाटक

संतरू, तमिलनाडु

साहसी कुमारी, उड़ीसा

डॉ. परमेश्वर

माणिक पाटिल

रिनो पांडे

घायलों को पहलगाम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुछ घायलों को हेलीकॉप्टर और खच्चरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सुरक्षा बलों का एक्शन और सियासी हलचल

हमले की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, और सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी। हेलीकॉप्टर की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। CRPF की क्विक रिएक्शन टीम (QAT) को घटनास्थल पर तैनात किया गया है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कमांडर की भूमिका सामने आई है, जिसने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में डोमिसाइल नीति को लेकर भारत को धमकी दी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब से गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और उन्हें श्रीनगर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया। शाह ने तुरंत श्रीनगर के लिए उड़ान भरी, जहां वे अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक करेंगे। पीएम मोदी ने कहा, "इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प और मजबूत होगा।"

 कांग्रेस नेता राहुल गांधी, दीपेंद्र हुड्डा, और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी हमले की निंदा की। उमर अब्दुल्ला ने इसे "कश्मीरियत पर हमला" करार दिया। बीजेपी नेता रविंदर रैना ने कहा, "पाकिस्तानी आतंकी निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाकर अपनी कायरता दिखा रहे हैं।"