राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल इवेंट मैनेजमेंट की राजनीति कर रही है, जबकि जनता के मूलभूत मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धोक-प्रणाम करने जाते हैं, लेकिन राजस्थान के लिए कोई विशेष उपलब्धि या आर्थिक सहायता लेकर नहीं आते।

शनिवार देर रात सीकर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल को लेकर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन जनता को यह भी बताया जाना चाहिए कि इन वर्षों में आम लोगों को क्या लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भरतपुर में देवदर्शन के लिए समय मिल जाता है, लेकिन युवाओं और बेरोजगारों की समस्याएं सुनने के लिए समय नहीं है। प्रदेश में बिजली कटौती, पानी की समस्या और किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नजर नहीं आ रही।

डोटासरा ने प्रशासन शहरों के संग अभियान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लोगों को बेहद कम शुल्क में पट्टे दिए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार के दौर में लोगों को कई गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासन में जारी पट्टों की जांच की बात कही थी, लेकिन उसका कोई परिणाम सामने नहीं आया।

पीसीसी चीफ ने कहा कि भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रमों में राज्यपाल की मौजूदगी भी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के भीतर ही अंतर्कलह की स्थिति है और इसका असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ रहा है।

एसएमएस अस्पताल की संविदाकर्मी नर्स के आत्महत्या मामले पर भी डोटासरा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में कदम उठाए थे, जबकि वर्तमान सरकार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है, जिससे लोग मानसिक तनाव में आ रहे हैं।

डोटासरा ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 17 जून को कोटा आएंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस दौरान नीट परीक्षा, पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों की अन्य समस्याओं पर चर्चा होगी। राहुल गांधी विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियों और सरकार से अपेक्षाओं को समझने का प्रयास करेंगे।