राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सीकर में मीडिया से बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शेखावाटी और राजस्थान की जनता का प्यार उन्हें सत्ता से दूर कर देता है, वरना वे अब तक कई बार मंत्री बन चुके होते।

बीकानेर जाते समय सीकर के सर्किट हाउस में रुके बेनीवाल ने कहा कि जब भी सत्ता उनके करीब आती है, जनता उन्हें आंदोलनों और जनहित के मुद्दों के लिए आगे बुला लेती है। इसी वजह से वे सत्ता का हिस्सा बनने के बजाय जनता के बीच संघर्ष का रास्ता चुनते हैं।

उन्होंने कहा कि आज कई लोगों के काम उनके नाम से हो रहे हैं। कोई ट्रांसफर करवाने की बात करता है तो कोई राज्यसभा या अन्य पदों की चर्चा करता है, लेकिन वे खुद का राजनीतिक नुकसान कर रहे हैं क्योंकि सत्ता में शामिल होने के बजाय जनता के मुद्दों पर लड़ रहे हैं।

पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में वर्षों से पेपर लीक की घटनाएं होती रही हैं और इसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण कई युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने आरपीएससी में सुधार और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए।

नशे को बताया बड़ी चुनौती

आरएलपी प्रमुख ने कहा कि राजस्थान में बढ़ता नशा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शेखावाटी और मारवाड़ क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग्स का प्रसार युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहा है। राज्य में नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

छात्र राजनीति और शिक्षा पर बोले

छात्रसंघ चुनावों के मुद्दे पर बेनीवाल ने कहा कि युवाओं के हित सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने बताया कि छात्रसंघ चुनावों को लेकर विभिन्न संभागों में रैलियां आयोजित की गईं, लेकिन छात्रों की प्राथमिकताएं अब बदल रही हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने की जरूरत पर भी जोर दिया।

कोचिंग संस्कृति और राजनीति पर टिप्पणी

सीकर की कोचिंग संस्कृति पर बोलते हुए बेनीवाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों की सुविधाओं और उनके भविष्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आर्थिक लाभ के लिए काम करने की प्रवृत्ति शिक्षा व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।

तीसरे मोर्चे की जरूरत बताई

राजस्थान की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए बेनीवाल ने कहा कि राज्य में मजबूत तीसरे विकल्प की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि जनता पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग विकल्प तलाश रही है और भविष्य में तीसरे मोर्चे की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

सीकर दौरे के दौरान बेनीवाल ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और लोगों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और युवा मुद्दों पर अपने विचार रखे।