राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट के रिश्ते एक बार फिर चर्चा में हैं। वागड़-मेवाड़ क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे सचिन पायलट ने बांसवाड़ा में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत के हालिया बयान पर ऐसी प्रतिक्रिया दी, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया।
क्या बोले सचिन पायलट?
बांसवाड़ा के सर्किट हाउस में पत्रकारों ने सचिन पायलट से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें उन्होंने पायलट को "अपने बेटे जैसा" बताया था।
इस पर सचिन पायलट मुस्कुराए और कहा,
पायलट का यह संक्षिप्त लेकिन अर्थपूर्ण जवाब अब राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है। उनके बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
क्या कहा था अशोक गहलोत ने?
कुछ समय पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को लेकर नरम रुख अपनाते हुए कहा था कि उनके मन में पायलट के लिए हमेशा स्नेह रहा है।
गहलोत ने कहा था कि—
- सचिन पायलट उनके लिए बेटे समान हैं।
- जब वे सांसद थे, तब सचिन पायलट और उनके बेटे वैभव दोनों छोटे बच्चे थे।
- आज भी वे सचिन को उसी अपनत्व के साथ देखते हैं।
- उनके मन में पायलट के प्रति कोई व्यक्तिगत कटुता नहीं है।
हालांकि गहलोत ने यह भी कहा था कि अब राजनीति में सचिन पायलट को कौन सलाह देता है, यह उन्हें नहीं पता।
फिर तेज हुई राजनीतिक चर्चाएं
सचिन पायलट के जवाब के बाद कांग्रेस के अंदर दोनों नेताओं के संबंधों को लेकर एक बार फिर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पायलट का बयान सीधे तौर पर किसी विवाद को नहीं बढ़ाता, लेकिन उन्होंने गहलोत के बयान को सकारात्मक तरीके से स्वीकार करते हुए संकेत जरूर दिए हैं।
कांग्रेस के भीतर लंबे समय से दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि हाल के महीनों में दोनों नेताओं के सार्वजनिक बयानों में पहले की तुलना में नरमी देखने को मिली है।
राजस्थान कांग्रेस की राजनीति पर नजर
राजस्थान में आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संगठनात्मक गतिविधियों के बीच गहलोत और पायलट के रिश्तों पर सभी की नजर बनी हुई है। ऐसे में दोनों नेताओं के हर सार्वजनिक बयान को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।